हिमाचल प्रदेश के उपभोक्ताओं को महंगाई के बीच आज बड़ी राहत मिली है। राज्य की प्रमुख डेयरी संस्था—मिल्कफेड—ने दूध की कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर तक की कमी का ऐलान कर दिया है। खुले और पैकेज्ड दोनों श्रेणियों में लागू की गई यह कटौती तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है, जिससे प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ेगा।
शिमला: (HD News); महंगाई से जूझ रही हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। हिमाचल प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन (मिल्कफेड) ने राज्य में खुले और पैकेज्ड—दोनों तरह के दूध की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है। इस निर्णय से उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ने वाला बोझ सीधे तौर पर कम होगा।

मिल्कफेड ने दूध की दरों में 3 से 4 रुपये प्रति लीटर तक की कमी की है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। संशोधित दरों के तहत मिल्कफेड की ‘मिल्क बार यूनिट्स’ में बिकने वाला गाय का दूध अब 55 रुपये की जगह 51 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध होगा। इसी तरह, राज्य में लोकप्रिय ब्रांड ‘हिम गौरी’ के दूध की कीमत में भी 3 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। अब यह 58 रुपये से घटकर 55 रुपये प्रति लीटर में मिलेगा।
जीएसटी में कमी—उपभोक्ताओं को सीधा लाभ
मिल्कफेड प्रशासन के मुताबिक, दूध पर लागू जीएसटी दरों में हाल ही में की गई कमी इस मूल्य कटौती का मुख्य कारण है। सरकारी कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि कम जीएसटी से होने वाले लाभ को उपभोक्ताओं तक सीधे पहुंचाने का निर्णय लिया गया है, ताकि जनता को महंगाई के दौर में वास्तविक राहत मिल सके।

हर घर को राहत, बजट पर सकारात्मक असर
दूध एक दैनिक आवश्यक वस्तु है और लगभग हर परिवार की नियमित खपत में शामिल है। ऐसे में 3–4 रुपये प्रति लीटर की कटौती मासिक खर्चों में उल्लेखनीय राहत देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न-आय वर्ग के परिवारों के लिए बड़ा सहारा साबित होगा।
राज्यभर में उम्मीद जताई जा रही है कि मिल्कफेड का यह कदम अन्य आवश्यक खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
