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धर्म

बगलामुखी के इस मन्त्र के शुद्ध उच्चारण से शत्रु, भूत-प्रेत, जेल, मुकदमा या हो धन की समस्या, हर बाधा होगी दूर

February 17, 2020 09:08 AM

बगलामुखी के इस मन्त्र के शुद्ध उच्चारण से शत्रु, भूत-प्रेत, जेल, मुकदमा या हो धन की समस्या, हर बाधा होगी दूर

हर समस्या का समाधान हैं इस बीज मंत्र में

कई जगहों पर मां बगलामुखी के सर्व कामना पूर्ति बीज मंत्र को अशुद्ध रूप से लिखा पाया जाता है, और अगर कोई अशुद्ध मंत्र का उच्चारण या जप करता है तो उसे कोई बड़ी हानि भी हो सकती है । मंत्र के जानकार कहते है कि वहीं यदि इस मन्त्र का सही उच्चारण किया जाय तो मां बगलामुखी का यह बीज मंत्र साधक की समस्त मनोकानाओं की पूर्ति कर सकता हैं । आगे पढ़ें मां बगलामुखी का शुद्ध बीज मंत्र और उसके अद्भुत लाभ । इस मंत्र के शुद्ध और भावपूर्ण उच्चारण से शत्रु को शांत किया जा सकता है, मुकदमा भी जीत सकते है, आधिदैविक और आधिभौतिक समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है, बंधनों से मुक्ति मिल सकती है, जेसै कोई बेकसूर व्यक्ति जेल में है या जेल जाने के आसार हैं तो इस मंत्र की साधना से 100% बच सकता हैं । भूत प्रेत और जादू टोन की बाधा से रक्षा होती है, सारे डर खत्म हो जाते है । धन संबंधित समस्या दूर हो जाती हैं । इस साधना से कोई भी अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली बना सकता है । 

शुद्ध बगलामुखी बीज मंत्र

ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानाम वाचं मुखम पदम् स्तम्भय । जिव्हां कीलय बुद्धिम विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा ।।

बगलामुखी मन्त्र के प्रारंभ में ह्री या ह्लीं दोनों में से किसी भी बीज का प्रयोग किया जा सकता है, ह्रीं तब लगायें जब आपका धन किसी शत्रु ने हड़प लिया है और ह्लीं का प्रयोग शत्रु को पूरी तरह से परास्त करने के लिए ही करें । इससे शत्रु को वश में करने की अद्भुत शक्ति मिलती है, लेकिन यह सब एक दो दिन में नहीं होगा बल्कि इसके लिए संकल्प लेकर कम से कम 40 दिन का विशेष अनुष्ठान करने का नियम हैं । बिना नियमों की जानकारी इस साधना को नहीं करना चाहिए । अन्यथा समस्या से छूटकारा नहीं सकेगा । माँ बगलामुखी अपने भक्त से श्रद्धा और विशवास चाहती हैं, यदि आपको पूरी श्रद्धा है और नियमों के साथ साधना करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी ।

 ऐसे करे शत्रु को परास्त

अगर कोई शत्रु अत्यंत शक्तिशाली हो तो ऐसी अवस्था में यदि मां बगलामुखी के इस मन्त्र को नीचे लिखे अनुसार शुद्धता पूर्वक उच्चारण कर जप किया जाए तो शत्रु से तुरंत सुरक्षा मिलती है । 

ॐ ह्लीं बगलामुखी अमुक (शत्रु का नाम लें ) दुष्टानाम वाचं मुखम पदम स्तम्भय स्तम्भय । जिव्हां कीलय कीलय बुद्धिम विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ।।

 इस मन्त्र में अमुक शब्द के स्थान पर शत्रु का नाम लेकर कम से कम 11 सौ बार एक दिन में जप करें, ऐसा करने से मां बगुलामुखी साधक की रक्षा करेंगी एवं साधक का शत्रु या तो किसी मुसीबत में फंस जाएगा या फिर कोई भारी गलती करके स्वयं ही फंस जाएगा । 

सम्पुट युक्त बगलामुखी मन्त्र

सम्पुट मन्त्र की शक्ति को दोगुना करने के लिए किया जाता है, किसी भी मन्त्र की शक्ति को सम्पुट द्वारा बढ़ने के लिए साधक को पहले बिना सम्पुट से निश्चित संख्या में जप करना चाहिए, उसके बाद ही सम्पुट लगाया जा सकता है । मन्त्र के आदि में और अंत में बीज लगाने से मन्त्र सम्पुट युक्त हो जाता है ।

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