हिंदी ENGLISH E-Paper Download App Contact us Saturday | February 22, 2020
शिमला में धूम धाम से मनाया जा रहा शिवरात्रि का पर्व, मन्दिरो में जूटी भक्तो की भीड़       विश्व धरोहर पर फिर दौड़ा स्टीम इंजन, इंग्लैंड के 29 सैलानियों ने किया सफर       आज का राशिफ़ल: 21 फरवरी 2020; महाशिवरात्रि पर राशि अनुसार करें शिव मंत्र का जाप, मिलेंगे शुभ फल       हिमाचल प्रदेश में "सस्ती होगी शराब" का विरोध करने से पहले जानिए क्या है नई आबकारी नीति ? इस आबकारी नीति से कैसे बढ़ेगा प्रदेश का राजस्व ? पढ़े, ये खबर..!       शिक्षा विभाग में बंपर भर्तियां, भरे जाएंगे 1807 पद..       राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शिवरात्रि की बधाई दी       निर्णय लेते समय सोशल मीडिया पर निर्भर न रहें युवाः सुरेश भारद्वाज       महँगाई कम करने के बजाय सरकार नशे को कर रही प्रमोट: युवा कांग्रेस       चीन में फैले कोरोना वायरस के बीच पांच चीनी पहुंचे शिमला, पांचों की की गई स्वास्थ्य जांच, CMO में कहा शहर वासियों को नहीं घबराने की जरूरत।       स्वास्थ्य देखभाल सुविधा के लिए वरदान बनी हिमकेयर योजना      

पंचांग

आज का पंचांग: 08 अक्टूबर 2019; जानिए आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

October 08, 2019 05:48 AM

हिन्दू पंचांग पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे ।

जानिए मंगलवार का पंचांग 

*शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है । *वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है। * नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है। * योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है । *करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है । इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

मंगलवार का पंचांग

8 अक्टूबर , मंगलवार 2019

हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

दिन (वार) - मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।

*विक्रम संवत् 2076 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य *शक संवत - 1941 *अयन - उत्तरायण *ऋतु - वर्षा ऋतु *मास - आश्विन माह *पक्ष - शुक्ल पक्ष

तिथि (Tithi)- दशमी - 14:50 तक तदुपरांत एकादशी

तिथि का स्वामी - दशमी तिथि के स्वामी पार्वती यमराज है तथा एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव है ।

आज विजयदशमी है। विजयदशमी के दिन शाम को संध्या के समय ( अर्थात जब सूर्यास्त होने का और आकाश में तारे उदय होने का समय हो ) वो समय सर्व सिद्धिदायी विजय काल कहलाता है । विजयदशमी के दिन छोटी छोटी पर्चियों पर 'राम' नाम लिख कर उसे अलग अलग आटे की लोई में रखकर मछलियों को खिलाएं , इससे भगवान राजा राम की कृपा से जातक को जीवन में सभी सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है ।

नक्षत्र (Nakshatra)- श्रवण - 20:13 तक तदुपरांत धनिष्ठा

नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- श्रवण नक्षत्र के देवता गोविन्द ( विष्णु ) है तदुपरांत धनिष्ठा नक्षत्र के देवता वसु (आठ प्रकार के वसु ) है ।

योग(Yog) - धृति - 23:00 तक

प्रथम करण : - गर - 14:50 तक

द्वितीय करण : - वणिज - 28:03+ तक

गुलिक काल : - दोपहर 12:00 से 01:30 तक है ।

दिशाशूल (Dishashool)-मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।

राहुकाल (Rahukaal)दिन - 3:00 से 4:30 तक।

सूर्योदय - प्रातः 06:18

सूर्यास्त - सायं 17:58

विशेष - दशमी को कलम्बी का सेवन नहीं करना चाहिए ।

पर्व त्यौहार- विजयदशमी दशहरा

मुहूर्त (Muhurt) - दशमी तिथि को राज संबंधी कार्य ( सरकारी कार्य ), व्रतबंध, प्रतिष्ठा, विवाह, यात्रा, भूषणादि के लिए शुभ होते हैं।

"हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।

Have something to say? Post your comment