भारतीय आईटी और टेक कंपनियों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्लाउड डील पर बड़ा दांव       भारत-ब्राजील व्यापार को नई रफ्तार देने की तैयारी, 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है द्विपक्षीय कारोबार; रक्षा और AI में भी सहयोग       GAIL के मुनाफे में 138% का उछाल, ₹4,724 करोड़ पहुंचा शुद्ध लाभ; सहायक कंपनी GAIL Gas का IPO लाने की तैयारी       सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' के गाने 'सुनियो जरा' का जलवा, आईएमए (IMA) ने जताया कड़ा विरोध       शिमला के IIAS में कांगड़ा कलम आर्ट गैलरी का शुभारंभ, राज्यपाल बोले- 'छोटे जिलों के गठन से मिलेगी सहूलियत'       हिमाचल के किसान ध्यान दें! 'एग्रीस्टैक' पहल के तहत बन रही डिजिटल Farmer ID, लोक मित्र केंद्रों पर मुफ्त सुविधा उपलब्ध; जानिए पूरी प्रक्रिया       "हिमकेयर योजना का नया अवतार: फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम! 'हिमकेयर' में AI की एंट्री, टॉप-अप के साथ मिलेगा 10 लाख का कैशलेस कवर। पढ़ें पूरी खबर..."       Aaj Ka Rashifal 13 February 2026: मेष से मीन तक, जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान       भारत सरकार का बड़ा फैसला: प्रशासनिक अनुभव पर मुहर - पूर्व IAS अमित कश्यप बने हिमाचल GST अपीलीय न्यायाधिकरण के सदस्य - पढ़ें पूरी खबर..       डिजिटल गोल्ड से सावधान ! SEBI ने निवेशकों को दी बड़ी चेतावनी, ऑनलाइन गोल्ड में निवेश से पहले 100 बार सोचें - पढ़े पूरी खबर      

Business

भारतीय आईटी और टेक कंपनियों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्लाउड डील पर बड़ा दांव

November 06, 2026 04:25 AM
ओम प्रकाश ठाकुर

वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च में हो रहे बदलावों के बीच भारतीय आईटी सेवा कंपनियां जनरेटिव एआई (GenAI) और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने में जुटी हैं। हालिया तिमाही नतीजों और कॉरपोरेट घोषणाओं के बाद कई दिग्गज और मिड-कैप आईटी कंपनियों ने उत्तरी अमेरिका और यूरोप के बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और हेल्थकेयर सेक्टर के ग्राहकों के साथ नई साझेदारियां की हैं।

(ADVT11)

पारंपरिक सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस के बजाय अब क्लाइंट्स अपने बिजनेस प्रोसेस को ऑटोमेट करने और डेटा एनालिटिक्स को आधुनिक बनाने पर बजट खर्च कर रहे हैं। भारतीय कंपनियों ने इस बदलाव को भांपते हुए अपने लाखों कर्मचारियों को एआई टूल्स और मशीन लर्निंग में प्रशिक्षित (Upskill) करने का अभियान तेज कर दिया है। इससे कंपनियों की प्रति कर्मचारी उत्पादकता और प्रोजेक्ट डिलीवरी की गति में सुधार हो रहा है।

विदेशी क्लाइंट्स की ओर से विवेकाधीन खर्च (Discretionary Spend) में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं, जो पिछले कुछ समय से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण रुका हुआ था। ब्याज दरों में स्थिरता और महंगाई के दबाव में कमी आने से पश्चिमी देशों के कॉरपोरेट अपने रुके हुए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू कर रहे हैं।

(ADVT1)

घरेलू शेयर बाजार में भी आईटी इंडेक्स में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में जिन कंपनियों के पास मजबूत एआई-आधारित समाधान और साइबर सुरक्षा की बेहतर तकनीक होगी, वे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक ऑर्डर बुक (Deal Pipeline) तैयार करने में सफल रहेंगी।

(ADVT3)

Have something to say? Post your comment

Spirituality

Religion

Religious Places

Yog