Tuesday | November 03, 2026
रातों-रात बदला सबसे अमीर भारतीय का ताज, इस सुपरस्टार के शो को मिली बम की धमकी; मात्र 5 मिनट में पढ़ें आज की टॉप 10 खबरें!       मंडी में पैराग्लाइडिंग हादसा: तेज हवाओं के बीच 500 फीट नीचे खेतों में गिरा ऑस्ट्रियाई पायलट निकोलस थॉमस, हालत गंभीर       त्योहारी सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार में हरित ऊर्जा और ऑटो सेक्टर पर नजर, तिमाही नतीजों व वैश्विक संकेतों से तय होगी चाल       विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में त्योहारी उछाल: अक्टूबर में ई-वे बिल जनरेशन और फास्टैग कलेक्शन ने बनाया नया रिकॉर्ड, आज जारी होंगे मैन्युफैक्चरिंग PMI के आंकड़े       नवंबर के पहले कारोबारी सप्ताह में बाजारों में त्योहारी रौनक: धनतेरस से पूर्व सर्राफा बाजार में बढ़ी हलचल, कमर्शियल एलपीजी और जीएसटी आंकड़ों का असर       पीएम मोदी आज करेंगे 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026' का भव्य उद्घाटन, हरित ऊर्जा में आत्मनिर्भरता पर रहेगा जोर       शीतकाल के लिए कपाट बंद होने से पूर्व केदारनाथ व चारधाम में अंतिम चरण की यात्रा तेज, प्रातःकाल से ही दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें       कार्तिक कृष्ण अष्टमी और सोमवार का शुभ संयोग: आज देशभर के शिवालयों और पवित्र नदियों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़       आज का पंचांग 2 नवंबर 2026, सोमवार: जानें कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की तिथि, आज का नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त और पूजा-पाठ का विशेष महत्व। भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित सोमवार को जानें दिनभर के शुभ-अशुभ समय और आज के धार्मिक महत्व से जुड़ी खास बातें।       आज का राशिफल: 2 नवंबर 2026 — जानें आज सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन      

स्वास्थ्य

अब महंगी दवाइयाँ मिलेंगी आधे से भी कम दाम में, जन औषधि सुगम मोबाइल एप से बचाएँ हजारों रुपए, जानिए कैसे लगेगी दवाई माफियाओं की लूट पर लगाम, पढ़ें विस्तार से..

July 29, 2024 11:03 AM

अब महंगी दवाइयाँ मिलेंगी आधे से भी कम दाम में, जन औषधि सुगम मोबाइल एप से बचाएँ हजारों रुपए, जानिए कैसे लगेगी निजी कम्पनियों की लूट को लगाम, पढ़ें विस्तार से..

दवाइयों के ऊंचे दाम और निजी कंपनियों की लूट से आम जनता बेहद परेशान है। एक निजी कंपनी की ₹218 की दवाई जन औषधि केंद्र पर केवल ₹36.10 में उपलब्ध है। इससे स्पष्ट होता है कि मेडिकल माफिया कितने बड़े मार्जिन के साथ काम कर रहा है। अंतर केवल ब्रांड का है, जबकि दवाई का असर एक जैसा होता है। इस निजी माफिया को रोकने के लिए कई सुझाव दिए जा रहे हैं।

सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता

सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी एक बड़ा मुद्दा है। डॉक्टर अक्सर मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयाँ खरीदने की सलाह देते हैं, जिससे उन्हें कमीशन मिलता है। इस माफिया को रोकने के लिए सरकार को एक नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए कि हर सरकारी संस्थान में दवाई के ब्रांड के नाम की जगह उसका साल्ट लिखा जाए और डॉक्टर हमेशा मरीज को जेनेरिक दवाई लिखें।

सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना

राज्य सरकारों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के मुख्यालय से सीधी दवाइयाँ मंगवानी चाहिए ताकि दवाइयाँ और भी कम दामों पर मिल सकें। इससे जरूरतमंद लोगों को निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे दामों पर दवाइयाँ खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे सरकारी अस्पतालों में वही साल्ट की जेनेरिक दवाइयाँ 70% कम दामों पर मिल सकती हैं, जिससे आम लोगों की सेहत और जेब दोनों में सुधार होगा।

निजी माफिया पर नकेल

सरकार के खजाने में ज्यादा से ज्यादा पैसे आएंगे और देश मजबूत होगा। निजी माफिया पर नकेल कसने के लिए दवाइयों के साल्ट का नाम लिखने की शुरुआत की जा सकती है। लोगों को जेनेरिक दवाइयाँ खरीदने के लिए जन औषधि सुगंध ऐप का उपयोग करने की अपील की जा रही है।

जन औषधि सुगम ऐप डोवानलोड करें

कोई भी व्यक्ति जिसके पास एंड्रॉइड फोन है, वह प्ले स्टोर में जाकर जन औषधि सुगम ऐप डाउनलोड कर सकता है। वहां व्यक्ति अपनी दवाई का साल्ट लिखकर देख सकता है कि उसे यह दवाई प्रधान मंत्री जन औषधि केंद्र में कितने रुपये की मिलेगी। ऐप में यह भी चेक कर सकते हैं कि आपके नजदीक कौन सा जन औषधि केंद्र है।

अमेरिका और कनाडा में जेनेरिक दवाओं का बोलबाला

अमेरिका और कनाडा जैसे विकसित देशों में भी जेनेरिक दवाइयां का काफी बोलबाला है । कनाडा में 10 में से 7 प्रिस्क्रिप्शन जेनेरिक दवाओं के लिए भरे जाते हैं। FNHA (First Nations Health Authority) सभी अन्य सार्वजनिक दवा कार्यक्रमों की तरह जेनेरिक और ब्रांड नाम की दवाओं का वही संयोजन कवर करता है।

इस प्रकार, यह संदेश दे रहा है कि जेनेरिक दवाएँ ब्रांडेड दवाओं की तरह ही प्रभावी और सुरक्षित हैं और उनकी गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं है।

विधानसभा और लोकसभा में बिल पारित होना जरूरी

राज्य और केंद्र सरकार को अपने-अपने सदन में दवाइयों के मूल्य को लेकर सख्त फैसला लेना चाहिए ताकि इस बड़ी लूट को काबू में किया जा सके। इससे हर व्यक्ति, चाहे वह अमीर हो या गरीब, दवाइयों की कमी के कारण अपनी जान न गवाए।

समाज सेवियों की अपील

समाज सेवियों की मांग है कि सरकारी तंत्र को मजबूत किया जाए ताकि निजी मेडिकल माफिया के दाम कम हो सकें। यह भी कहा जा रहा है कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों के ब्रांड के नाम की जगह साल्ट लिखने का कानून बनाया जाए। इसके साथ ही, समाज को प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का अधिक से अधिक प्रचार करना चाहिए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक, सामाजिक, और धार्मिक संगठनों को इस योजना का प्रचार-प्रसार करना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति दवाइयों की कमी के कारण अपनी जान न गंवाए।

हम अक्सर सोशल मीडिया पर देखते हैं कि लोग दवाइयों के लिए दर-दर भटकते हैं। जरूरतमंद लोग सामाजिक संगठनों से अपनी मदद की गुहार लगाते हैं। हमारा समाज तभी मजबूत होगा जब यह सभी माफिया खत्म होंगे। इसलिए हमें अपने सरकारी तंत्र को मजबूत करते हुए इस जन औषधि योजना का अधिक से अधिक प्रचार करना चाहिए, ताकि देश में किसी भी प्रकार की बीमारी हो, उसकी दवाई सरकारी केंद्रों से मिल सके।

वैसे तो हम लोग अक्सर ही अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों की बात करते हैं कि वहां पर सरकार बहुत अच्छी है और वहां इलाज बिल्कुल मुफ्त है। हमारे देश में भी यह तभी संभव है जब हम लोग अपने देश को मजबूत करेंगे और अपने सरकारी तंत्र को बढ़ावा देंगे। जब हम बदलेंगे तो समाज बदलेगा और जब समाज बदलेगा तो हालात बदलेंगे।

दवाइयों की मियाद और गुणवत्ता

सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि दवाइयों की मियाद सही हो और उनकी गुणवत्ता बरकरार रहे, ताकि किसी भी व्यक्ति को नुकसानदायक दवाइयों के प्रसार से बचाया जा सके।

 सामाजिक कार्यकर्त्ता: कमल कुमार

 

Have something to say? Post your comment

स्वास्थ्य में और

​"जिंदगी बचाने की उड़ान, मौत के साये में बदली: दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस चतरा के जंगलों में क्रैश, जानें कौन थे वो 7 बदनसीब?" - सामने आई लिस्ट, पढ़ें पूरी खबर

रोटी को बनाएं सेहत का खजाना: आटे में मिलाएं ये 3 चीजें, पाचन शक्ति बढ़ाएं और पेट रखें एकदम हल्का..

आहार के नियम : भारतीय 12 महीनों अनुसार..

कैसे खोल सकते हैं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, कितनी होगी कमाई; प्रोसेस के साथ जानिए पूरी डिटेल

World Breastfeeding Week : विश्व स्तनपान सप्ताह का इतिहास और महत्व, पढ़े विस्तार से.

शुगर बढ़ गई है ? तो तुरंत जानिए कम करने के यह घरेलू उपाय, तुरंत मिलेगा फायदा, नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर लेवल..

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ज्यादा हल्दी खाने से भी हो सकता है नुकसान, हो सकती है ये बीमारी, पेट मे जलन के साथ हो सकते हैं ये ढेर सारे नुकसान..

महामारी से बचना है तो रखें अपना ख्याल : वायरस से बचने के लिए इन 5 घरेलू उपायों को जरूर अपनाएं

बुखार को कम करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, आसानी से कम हो जाएगा शरीर का तापमान

अपच और कब्ज की समस्या में फायदेमंद है यह फल, रोजाना सेवन से मिलेंगे कई लाभ

पंचांग

आज का पंचांग 2 नवंबर 2026, सोमवार: जानें कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की तिथि, आज का नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त और पूजा-पाठ का विशेष महत्व। भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित सोमवार को जानें दिनभर के शुभ-अशुभ समय और आज के धार्मिक महत्व से जुड़ी खास बातें।

आज का पंचांग 2 नवंबर 2026, सोमवार: जानें कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की तिथि, आज का नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त और पूजा-पाठ का विशेष महत्व। भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित सोमवार को जानें दिनभर के शुभ-अशुभ समय और आज के धार्मिक महत्व से जुड़ी खास बातें।

पंचांगNovember 02, 2026

आज का पंचांग, 31अक्टूबर 2026: जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल  का समय

आज का पंचांग, 31अक्टूबर 2026: जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय

पंचांगOctober 31, 2026

आज का पंचांग 30 अक्टूबर 2026: शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और आज का पूरा पंचांग

आज का पंचांग 30 अक्टूबर 2026: शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और आज का पूरा पंचांग

पंचांगOctober 30, 2026

आज का पंचांग 29 अक्टूबर 2026: करवा चौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चंद्रोदय और पूजा का सही समय

आज का पंचांग 29 अक्टूबर 2026: करवा चौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चंद्रोदय और पूजा का सही समय

पंचांगOctober 29, 2026