रकछम (किन्नौर): हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर की विश्व प्रसिद्ध और बेहद खूबसूरत बस्पा घाटी में बसे रकछम गांव के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को बचाने के लिए एक बेहद सराहनीय और प्रेरक पहल सामने आई है। रकछम माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर क्लब ने वन्यप्राणी मंडल सराहन (वन विभाग) के संयुक्त तत्वावधान में क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया है। इस पूरी मुहिम की सबसे खास बात यह है कि इसका पूरा वित्तीय खर्च क्लब के सदस्यों ने स्वयं वहन किया है, जो पर्यावरण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बढ़ते पर्यटन के बीच कचरा प्रबंधन की बड़ी चुनौती
गौरतलब है कि रकछम गांव, 'रकछम-छितकुल वन्यजीव अभयारण्य' की सीमा से सटा हुआ है। अपनी असीम प्राकृतिक सुंदरता के कारण यहाँ हर साल देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटक पहुँचते हैं। लेकिन बढ़ते पर्यटन के साथ यहाँ कचरा प्रबंधन एक गंभीर चुनौती बन चुका था। इसी खतरे को भांपते हुए स्थानीय युवाओं ने खुद आगे आकर इस जिम्मेदारी को उठाने का फैसला किया।
धरातल पर उठाए गए यह ठोस कदम:
कूड़ेदानों की स्थापना: पर्यटकों और ग्रामीणों द्वारा कचरे के सही निपटान के लिए गांव के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर डस्टबिन लगाए गए हैं।
जागरूकता साइनबोर्ड: जगह-जगह आकर्षक और संदेशपरक जागरूकता बोर्ड (साइनेज) लगाए गए हैं, जो पर्यटकों से प्लास्टिक कचरा न फैलाने और प्रकृति का सम्मान करने की अपील करते हैं।
"कचरा अपने साथ वापस ले जाएं या कूड़ेदान में डालें" — नरेंद्र नेगी
क्लब के अध्यक्ष नरेंद्र नेगी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा - "हमारा पारिस्थितिकी तंत्र ही हमारी असली धरोहर है और इसकी रक्षा करना हम सबका सामूहिक कर्तव्य है। मैं सभी सैलानियों से विनम्र अपील करता हूं कि जब भी आप इस अभयारण्य क्षेत्र या गांव में आएं, तो कृपया अपना कचरा अपने साथ वापस ले जाएं या केवल कूड़ेदान में ही डालें। आपका एक छोटा सा प्रयास रकछम को हरा-भरा रखने में बड़ा योगदान देगा।"

हिमाचल के युवाओं के लिए रोल मॉडल बना रकछम क्लब
इस मौके पर वन खंड अधिकारी (ब्लॉक ऑफिसर) रकछम, श्री संतोष ठाकुर ने क्लब के इस प्रयास की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा:"मैं रकछम माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर क्लब को इस पुनीत कार्य के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। यदि प्रदेश का हर नागरिक इसी भावना के साथ आगे आए, तो हम पर्यावरण संरक्षण में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के सभी युवा साथियों को रकछम के इन युवाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने-अपने क्षेत्रों में वनों व वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए ऐसी गतिविधियां चलानी चाहिए।"

इन पर्यावरण योद्धाओं ने निभाई मुख्य भूमिका
इस पूरे अभियान को सफल बनाने में क्लब के अनेक उत्साही सदस्यों ने दिन-रात एक किया। इनमें मुख्य रूप से श्री मोहित नेगी, श्री तेनजिंग नेगी, श्री तेनजिन दुंदुप, श्री कल्पा नेगी, श्री हरदेव नेगी, श्री दिवाकर नेगी, श्री मुकेश नेगी, श्री बंटी, श्री जगदीश नेगी, श्री प्रदुमन नेगी, श्री अभिषेक नेगी, श्री प्रमोद, श्री रजनीश तथा श्री संजय शामिल रहे।
भविष्य की उम्मीद:
क्लब ने उम्मीद जताई है कि यह मुहिम न केवल सैलानियों को उनके उत्तरदायित्व का अहसास कराएगी, बल्कि पड़ोसी गांवों को भी स्वच्छता की दिशा में प्रेरित करेगी, ताकि किन्नौर की यह अनमोल प्राकृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और अक्षुण्ण रह सके।
