किन्नौर: (HD News); हिमाचल प्रदेश में भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। छितकुल से करीब 27 किलोमीटर दूर धूमती के पास सड़क निर्माण के दौरान हुए अचानक विस्फोट में एक मजदूर की जान चली गई, जबकि एक अन्य बुरी तरह घायल हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जिस जगह पर यह हादसा हुआ, वह सेना की फायरिंग रेंज के अंतर्गत आता है। फिलहाल, सेना ने धमाके के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच धूमती के पास सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) के तहत नई सड़क बिछाने का काम चल रहा था। इस निर्माण कार्य का जिम्मा आरती सिविल कंस्ट्रक्शन फर्म के पास है। तहसीलदार सांगला हर दयाल सिंह ने बताया कि मौके पर एक्सकैवेटर की मदद से खुदाई और भारी पत्थर उठाने का काम किया जा रहा था, तभी वहां अचानक एक जोरदार ब्लास्ट हो गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही गई जान:
इस भीषण विस्फोट की चपेट में आने से कांगड़ा जिले के रहने वाले 50 वर्षीय अशोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं, हादसे में बिहार के रहने वाले 23 वर्षीय भोला साह भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिनका रिकांग पिओ अस्पताल में उपचार चल रहा है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, सेना कर रही जांच:
यह धमाका किन परिस्थितियों में हुआ, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि निर्माण स्थल सेना की फायरिंग रेंज का हिस्सा है। ऐसे में इस बात की आशंका है कि वहां कोई पुराना विस्फोटक मौजूद हो सकता है। यह भी जांच का मुख्य विषय है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के तय मानकों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
जांच रिपोर्ट का इंतजार:
हादसे के तुरंत बाद पुलिस और संबंधित विभागों ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारण और किसी भी तरह की संभावित लापरवाही की तस्वीर सेना की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह से साफ हो सकेगी।
