हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की लगवैली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चरस बरामद करने पहुंची पुलिस टीम पर 30-40 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस के साथ छीनाझपटी की और हिरासत में लिए गए दो तस्करों को मुख्य खेप सहित जबरन भगा ले गई। पुलिस ने इस मामले में स्थानीय पंचायत प्रधान, उनके पति और उपप्रधान सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस घटना के बीच प्रदेश सरकार ने भी नशा माफियाओं का नेटवर्क तोड़ने के लिए पंचायत स्तर पर सख्त कार्रवाई और संपत्तियां कुर्क करने के निर्देश दिए हैं।
कुल्लू/शिमला: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की लगवैली स्थित जकरेहड़ में चरस बरामद करने पहुंची पुलिस टीम पर स्थानीय लोगों द्वारा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भीड़ ने पुलिस टीम के साथ हाथापाई की और हिरासत में लिए गए दो तस्करों को जबरन छुड़ा लिया। इस दौरान आरोपी मुख्य खेप (बैग) भी छीन ले गए। इस मामले में पुलिस ने स्थानीय पंचायत प्रधान, उनके पति और उपप्रधान सहित दर्जनों लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। छीनाझपटी के दौरान सड़क पर गिरी 508 ग्राम चरस पुलिस ने सुरक्षित अपने कब्जे में ले ली है।

योजनाबद्ध तरीके से किया गया हमला
घटना शनिवार की है। कुल्लू पुलिस की डिटेक्शन सेल को सुबह 10:20 बजे गुप्त सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति पैदल चरस लेकर कुल्लू की ओर आ रहे हैं। करीब 11:30 बजे पुलिस को देखकर दोनों भागने लगे। पुलिस ने उन्हें दबोचा और उनके पास मौजूद पीले रंग के कैरी बैग से चरस बरामद की। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान पंचायत प्रधान, उनके पति और उपप्रधान मौके पर पहुंच गए। एक फोन कॉल के बाद वहां 30 से 40 लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने पुलिस टीम और स्वतंत्र गवाह पर हमला कर दिया और आरोपियों को चरस सहित भगा ले गए। कुल्लू के एसपी अभिषेक सेकर ने बताया कि पंचायत प्रधान समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 व 29 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पंचायत स्तर पर तस्करों का नेटवर्क तोड़ेगी सरकार
नशे के बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकार ने चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक, आर्थिक या सामाजिक संरक्षण नहीं मिलेगा। अब पुलिस, पंचायतीराज व अन्य विभागों के सहयोग से पंचायत स्तर पर संदिग्ध नेटवर्क, तस्करों के संपर्कों और वित्तीय गतिविधियों की निगरानी करेगी। चिट्टे के खिलाफ इस अभियान में अब तक 139 सरकारी कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आए हैं, जिनमें 15 राज्य सरकार और 22 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
तस्करों की 90 करोड़ से अधिक की संपत्तियां फ्रीज
प्रदेश में पिछले तीन वर्षों (2024-2026) में एनडीपीएस कानून के तहत 5, 642 मामले दर्ज कर 8, 250 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ड्रग माफिया की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए 115 मामलों में 90.75 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गई हैं। जिलेवार कार्रवाई में नूरपुर में सर्वाधिक 22.28 करोड़, सोलन में 17.86 करोड़ और शिमला में 12.61 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज हुई है। इसके अलावा, पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत 46 बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 46 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं।
