टिहरी के प्रसिद्ध मां कुंजापुरी मेले में पंजाबी पॉप आइकन दलेर मेहंदी के परफॉर्मेंस पर छिड़ा विवाद अब एक बड़े टकराव में बदल चुका है। मंच पर गायक को 'नशे' में बताकर कार्यक्रम रुकवाने वाले कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अब बॉलीवुड सितारों के बचाव पर तीखा पलटवार किया है। दलेर की खराब तबीयत और सर्जरी की दलीलों को खारिज करते हुए मंत्री ने 35 लाख रुपये की फीस और जनता के पैसे का हवाला दिया है। उनका सीधा सवाल है कि यदि गायक शारीरिक रूप से इतने अस्वस्थ थे कि ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे, तो उन्होंने कार्यक्रम में आने का वादा करके जनता और प्रशासन को मूर्ख क्यों बनाया? पढ़ें विस्तार से...
टिहरी में आयोजित मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के परफॉर्मेंस को लेकर उपजा विवाद अब लगातार गहराता जा रहा है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा गायक पर मंच से ही नशे में होने और लिप-सिंक करने का आरोप लगाने के बाद कई बॉलीवुड हस्तियां दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरी थीं। कलाकारों द्वारा दलेर की खराब तबीयत और सर्जरी का हवाला दिए जाने के बाद, अब मंत्री सुबोध उनियाल ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए करारा पलटवार किया है।

मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी की बीमारी की दलील पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि गायक की तबीयत वाकई इतनी खराब थी, तो उन्हें इस कार्यक्रम में हिस्सा ही नहीं लेना चाहिए था। उनका मानना है कि शारीरिक रूप से अनफिट होने के बावजूद मंच पर आना और परफॉर्म करने का दिखावा करना न केवल खुद को, बल्कि वहां मौजूद हजारों दर्शकों को भी मूर्ख बनाने जैसा है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जब आप ठीक से बोल तक नहीं पा रहे हैं, तो आपको शो में आने का वादा ही नहीं करना चाहिए था।

अपने बयान में मंत्री ने कार्यक्रम के आयोजन पर हुए भारी-भरकम खर्च का भी प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा खर्च किया गया था। गायक और उनकी टीम के लिए फर्स्ट-क्लास फ्लाइट टिकट बुक किए गए थे और उनके रुकने के लिए शानदार होटलों की वीआईपी व्यवस्था की गई थी। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपए की भारी-भरकम फीस भी दी गई थी। ऐसे में अस्वस्थता के कारण खराब प्रदर्शन से जनता और प्रशासन दोनों को भारी निराशा हुई है।

गौरतलब है कि मेले के दौरान जब दलेर मेहंदी मंच पर थे, तब मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा दिया था। उन्होंने खुले मंच से गायक पर नशे में होने का आरोप लगाया था। वायरल हुए वीडियो में मंत्री यह कहते हुए सुने गए थे कि दलेर मेहंदी असल में लाइव गा ही नहीं रहे हैं, बल्कि डबिंग की तरह लिप-सिंक कर रहे हैं। उनका सीधा तर्क था कि जो व्यक्ति मंच पर ठीक से दो शब्द नहीं बोल पा रहा है, वह लाइव गा कैसे सकता है।

मंत्री के इस कड़े रुख और वीडियो के वायरल होने के बाद मनोरंजन जगत से मीका सिंह, कपिल शर्मा, रैपर बादशाह, हर्षदीप कौर और दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का बचाव किया था। इन सितारों का कहना था कि दलेर मेहंदी ने कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया है। कपिल शर्मा ने खुलासा किया था कि हाल ही में गायक की कुछ गंभीर सर्जरी हुई हैं, जिसके कारण वे शारीरिक रूप से कमजोर हैं। हालांकि, इन तमाम सफाइयों के बावजूद मंत्री सुबोध उनियाल अपने इस स्टैंड पर कायम हैं कि बीमारी कोई बहाना नहीं हो सकती और अनफिट होने पर इतनी बड़ी धनराशि लेकर कार्यक्रम में आना पूरी तरह से गलत था।

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