किन्नौर : जनजातीय जिला किन्नौर के पूह उपमंडल के कानम गांव में मंगलवार की सुबह एक भीषण अग्निकांड ने तीन परिवारों को खुले आसमान के नीचे ला खड़ा किया है। गांव में अचानक भड़की आग ने तीन लकड़ी के रिहायशी मकानों और दो गोशालाओं को पूरी तरह से राख के ढेर में तब्दील कर दिया। इस हृदयविदारक घटना में परिवारों की जीवन भर की जमापूंजी जलकर नष्ट हो गई है, जिसमें राजस्व विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब एक करोड़ रुपये के भारी नुकसान का अनुमान है।

आग का खौफनाक मंजर
मंगलवार की सुबह कानम गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब अचानक आग की भीषण लपटें उठने लगीं। लकड़ी के मकान होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घरों को भी अपनी जद में ले लिया। स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन बेकाबू लपटों के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन चंद घंटों के भीतर ही तीन परिवारों के हंसते-खेलते आशियाने पूरी तरह तबाह हो गए।
करोड़ों की संपत्ति खाक, जीवन भर की पूंजी जली
राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, नुकसान के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। इस अग्निकांड में सनम फोनचुक (पुत्र चंद्र लाल) के मकान को 11 लाख और घर के सामान को 21.28 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उनके भाई छेरिंग दोर्जे के मकान को 11 लाख और अंदर रखे सामान को 22.46 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। वहीं, कुमारी शांति और कृष्णा देवी (पुत्रियां चंद्र लाल) के रिहायशी मकान को 10.34 लाख तथा घर के कीमती सामान को 23.92 लाख रुपये का भारी नुकसान आंका गया है।

गोशालाएं भी चढ़ीं आग की भेंट
रिहायशी मकानों के साथ-साथ इस अग्निकांड ने ग्रामीणों के कृषि और पशुधन आश्रयों को भी नहीं बख्शा। रिपोर्ट के मुताबिक, सनम तंजीन (पुत्र मेडुप दोर्जे) की दो मंजिला गोशाला, डोगरी और उसमें रखे सामान को करीब 3.96 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, छेतन दोर्जे (पुत्र जुंगदन राम) की गोशाला, डोगरी और वहां मौजूद सामान को भी 4 लाख 26 हजार 500 रुपये की क्षति होने का आकलन किया गया है।
प्रशासन की फौरी राहत और सुरक्षित आश्रय
बेघर हुए परिवारों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए राहत कार्य शुरू कर दिए। पूह के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) रविंदर ठाकुर ने बताया कि तीनों प्रभावित परिवारों को तत्काल 10-10 हजार रुपये की फौरी नकद सहायता प्रदान की गई है। कड़ाके की ठंड और आपात स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एक परिवार को कानम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में और अन्य दो परिवारों को पंचायत भवन में ठहराया है। इसके साथ ही, प्रशासन की ओर से सभी पीड़ितों के लिए राशन, बिस्तर और खाने-पीने की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
