राजकीय उच्च विद्यालय लडोग में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हाल ही में संपन्न हुई सामान्य सभा की बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का चयन किया गया, जिसमें श्रीमती बबीता ठाकुर को SMC (स्कूल प्रबंधन समिति) की कमान सौंपी गई है। 15 सदस्यों की यह नई टीम अब विद्यालय के विकास और शैक्षणिक प्रबंधन की निगरानी करेगी। इसी कड़ी में, स्कूल के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए SDO सिविल और विशेषज्ञों की टीम ने प्रस्तावित नए भवन ब्लॉक का साइट निरीक्षण भी पूरा कर लिया है, जिससे अब निर्माण कार्य जल्द शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। पढ़ें पूरी खबर.. 
लडोग (सोलन): राजकीय उच्च विद्यालय लडोग में शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को सामान्य सभा (General House) का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इस बैठक में विद्यालय के भविष्य की योजनाओं और बेहतर प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में भारी संख्या में अभिभावकों, नवनियुक्त SMC सदस्यों और विद्यालय स्टाफ ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
नई कार्यकारिणी का गठन और बबीता ठाकुर का निर्वाचन
बैठक के मुख्य एजेंडे के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का पुनर्गठन किया गया। इसमें उपस्थित सदस्यों द्वारा श्रीमती बबीता ठाकुर को सर्वसम्मति से SMC का अध्यक्ष (President) चुना गया। इसके साथ ही एक 15 सदस्यीय प्रभावशाली कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। यह टीम विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को सुधारने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण और भवन निर्माण
विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा करते हुए प्रस्तावित नए भवन ब्लॉक के निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी गई। इस अवसर पर SDO सिविल (BSNL, जिला सोलन) और संबंधित ठेकेदार विशेष रूप से उपस्थित रहे। विशेषज्ञ टीम द्वारा निर्माण स्थल का विस्तृत निरीक्षण (Site Inspection) किया गया और निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि भवन का कार्य जल्द प्रारंभ होगा, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
सामुदायिक प्रतिबद्धता
बैठक के समापन पर नवनियुक्त SMC सदस्यों, अभिभावकों और विद्यालय के समस्त स्टाफ ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे छात्रों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए आपसी सहयोग से कार्य करेंगे। इस सफल आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ही ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।

