जिला सोलन के पुलिस थाना अर्की के तहत जमरोटी क्षेत्र के जंगल में शिकार के दौरान एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच और आरोपी के बयान के अनुसार, यह घटना पहाड़ी से पैर फिसलने के कारण बंदूक से अचानक चली गोली का परिणाम बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण रहे हैं। मृतक की पहचान लक्ष्मीकांत के रूप में हुई है, जबकि पुलिस ने साथी रणजीत सिंह को गिरफ्तार कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोलन (अर्की): हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के अर्की क्षेत्र में शिकार के दौरान एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जंगल में शिकार के दौरान चली एक आकस्मिक गोली ने एक व्यक्ति की जान ले ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना 29 अप्रैल 2026 की है। मृतक की पहचान लक्ष्मीकांत, निवासी गाँव जमरोटी के रूप में हुई है। पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक के बेटे राहुल ने बताया कि उसे कमलजीत नामक व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि उसके पिता जंगल में घायल हो गए हैं। जब राहुल मौके पर पहुँचा, तो उसके पिता लहूलुहान अवस्था में जमीन पर पड़े थे। उनके कूल्हे के पास गोली लगने का गहरा घाव था और अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था।
अस्पताल में घोषित किया मृत
घायल लक्ष्मीकांत को तुरंत उपचार के लिए अर्की अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। आईजीएमसी (IGMC) शिमला में फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

जांच में हुआ खुलासा: पैर फिसलने से हुआ 'मिसफायर'
पुलिस की प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक लक्ष्मीकांत और आरोपी रणजीत सिंह (62) एक साथ शिकार के लिए जंगल गए थे। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पहाड़ी पर अचानक आरोपी रणजीत सिंह का पैर फिसल गया, जिससे उसकी बंदूक से अचानक गोली चल गई। यह गोली सीधे लक्ष्मीकांत को जा लगी, जो उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रणजीत सिंह को 30 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 1 मई 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। "पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और आरोपी को हिरासत में लेकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। घटना के वास्तविक कारणों और हथियार के लाइसेंस आदि की भी पुष्टि की जा रही है।"

वर्तमान में, पुलिस ने आरोपी रणजीत सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि प्राथमिक साक्ष्य और परिस्थितियाँ इसे शिकार के दौरान हुआ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बता रही हैं, लेकिन पुलिस हर कोण से मामले की तफ्तीश कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के विस्तृत विश्लेषण से ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि गोली किस दूरी और किस कोण से चली थी। प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और अवैध शिकार जैसी गतिविधियों से दूर रहें। फिलहाल, अर्की पुलिस की गहन जांच ही इस मामले की अंतिम सच्चाई सामने लाएगी।