कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-5) पर शनिवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर सामने आया, जब यात्रियों से भरी एक निजी बस सलोगड़ा के समीप अचानक अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गई। गनीमत यह रही कि पलटते ही बस सड़क पर ही थम गई और साथ लगती सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरने से बच गई, जिससे हाईवे पर एक बहुत बड़ा नरसंहार (बड़ा जानी नुकसान) होते-होते टल गया। हादसे के वक्त बस में करीब 10 से 12 यात्री सवार थे, जिनमें से चालक समेत दो लोग घायल हुए हैं, जबकि मौत के मुंह से छूटे अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं। पढ़ें विस्तार से.
सोलन: कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-5) पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया। सोलन से शिमला की ओर जा रही एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सलोगड़ा के समीप बीच सड़क पर ही पलट गई। हादसे के वक्त बस में चालक-परिचालक समेत करीब 10 से 12 यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि पलटने के बाद बस सड़क पर ही रुक गई और साथ लगती गहरी खाई की ओर नहीं लुढ़की, जिससे एक बहुत बड़ा जानी नुकसान होने से बच गया। इस दुर्घटना में चालक और एक यात्री को चोटें आई हैं, जबकि अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं।

अचानक बिगड़ा संतुलन; सड़क पर घिसटती चली गई बस -
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, निजी बस जब सलोगड़ा क्षेत्र में पहुंची, तो अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। देखते ही देखते बस अनियंत्रित होकर सड़क पर बाईं ओर पलट गई और रफ्तार के कारण कुछ दूरी तक घिसटती चली गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि यदि बस एक-दो पलटे और खा जाती, तो वह सीधे हाईवे के साथ लगती सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर सकती थी। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आस-पास के दुकानदारों और राहगीरों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और यात्रियों को बस से बाहर निकाला।
चालक और एक यात्री घायल, अस्पताल में इलाज जारी -
इस सड़क दुर्घटना में बस के चालक और एक अन्य यात्री को चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, दोनों घायलों की हालत पूरी तरह स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। वहीं, बस में सवार अन्य यात्रियों को मामूली खरोंचें आई हैं और वे सभी पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

मौके पर पहुंची पुलिस और फोरलेन टीम; जांच शुरू -
घटना की सूचना मिलते ही सोलन पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और बस में सवार यात्रियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई। इसके साथ ही, फोरलेन निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी के सुरक्षा अधिकारी हिमांशु दुबे भी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य व यातायात को सुचारू बनाने में सहयोग दिया।
पुलिस अधीक्षक का बयान:
सोलन के पुलिस अधीक्षक (SP) साईं दत्तात्रेय वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सलोगड़ा के पास एक निजी बस के पलटने की सूचना मिली थी। हादसे में घायल दो लोगों को तुरंत अस्पताल भेज दिया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में हादसा तेज रफ्तार या किसी तकनीकी खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना या स्टेयरिंग लॉक होना) के कारण होने की आशंका जताई जा रही है।
क्रेन की मदद से हटाया गया वाहन, यातायात बहाल -
हादसे के तुरंत बाद कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर क्रेन बुलाई। क्रेन की सहायता से पलटी हुई बस को सीधा किया गया और उसे सड़क के किनारे हटाकर यातायात को सामान्य रूप से बहाल किया गया।
NH पर बढ़ते हादसों से भड़के लोग; सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल -
इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग का यह सलोगड़ा-सोलन हिस्सा अब 'ब्लैक स्पॉट' और लगातार दुर्घटना संभावित क्षेत्र बनता जा रहा है। फोरलेन निर्माण कार्य के चलते हाईवे पर कई जगहों पर अस्थायी डायवर्जन दिए गए हैं, सड़कें संकरी हैं और तीखे मोड़ खतरनाक साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से मांग की है कि इस पूरे स्ट्रेच पर तुरंत: गति सीमा (Speed Limit) के बोर्ड लगाए जाएं। तीखे मोड़ों पर स्पष्ट चेतावनी संकेतक (Signboards) स्थापित हों। खाई की तरफ मजबूत क्रैश बैरियर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके।