ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राजकीय उच्च विद्यालय लड़ोग में शनिवार को ग्राम पंचायत कुंहर के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह और महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों ने नए जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, छात्र संख्या बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए एक ठोस एवं दूरगामी रोडमैप तैयार किया है, जिसे क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता की एक नई और प्रगतिशील शुरुआत माना जा रहा है। पढ़ें विस्तार से..
अर्की (सोलन), 4 जुलाई: ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शिक्षण संस्थानों को आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस करने के उद्देश्य से राजकीय उच्च विद्यालय लड़ोग में शनिवार को एक विशेष समन्वय बैठक और भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कुंहर के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का विद्यालय परिवार में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक को आने वाले समय में पंचायत, विद्यालय और समाज के बीच एक मजबूत और प्रगतिशील सेतु के रूप में देखा जा रहा है जो ग्रामीण स्तर पर शैक्षणिक क्रांति का सूत्रपात करेगा।

समारोह के प्रथम चरण में नव-निर्वाचित पंचायत प्रधान अमर सिंह ठाकुर, उपप्रधान जुगल किशोर तथा पंचायत समिति सदस्य जगदीश चन्द का स्कूल परिसर पहुंचने पर पारंपरिक रूप से फूल-मालाएं पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर भावभीना नागरिक अभिनंदन किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) की प्रधान बबीता ठाकुर, उपप्रधान संतोष कुमारी, सदस्य नवीन ठाकुर, गायत्री देवी सहित स्कूल एडॉप्टर श्यामलाल चौधरी, चेतराम ठाकुर तथा प्रबुद्ध समाजसेवी सुंदर राम तनवर और रत्न चन्द चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने और बच्चों के सामाजिक विकास में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की भूमिका को सर्वोपरि और अत्यंत निर्णायक बताया।

स्वागत समारोह के पश्चात आयोजित रणनीतिक समन्वय बैठक में विद्यालय के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार लाने पर गंभीर मंथन किया गया। चर्चा के दौरान विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को निखारने, विद्यालय परिसर को पूरी तरह स्वच्छ, सुंदर व सुरक्षित बनाने तथा सरकारी स्कूल के प्रति जनविश्वास जगाकर छात्रों के नामांकन में गुणात्मक वृद्धि करने पर आम सहमति बनी। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि जब तक समाज, पंचायत और शिक्षण संस्थानों के बीच एक जीवंत व निरंतर संवाद स्थापित नहीं होगा, तब तक शिक्षा के क्षेत्र में वांछित और सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति संभव नहीं है।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रभारी यशपाल वर्मा ने स्कूल की वर्तमान व्यवस्था, प्राथमिकताओं और भविष्य की चुनौतियों का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की प्रगति केवल शिक्षकों के प्रयासों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसके लिए पूरे सामाजिक तंत्र को आगे आना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल के विकास में स्थानीय पंचायत, विद्यालय प्रबंधन समिति, स्कूल एडॉप्टर्स और अभिभावकों की सक्रिय व सामूहिक भागीदारी ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी हितधारकों से आपसी मतभेदों को दरकिनार कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए एकजुट होकर धरातल पर कार्य करने का पुरजोर आह्वान किया।

विद्यालय प्रशासन और अभिभावकों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पंचायत प्रधान अमर सिंह ठाकुर, उपप्रधान जुगल किशोर और पंचायत समिति सदस्य जगदीश चन्द ने स्कूल के हित में कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों की सहूलियत और बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए पंचायत निधि व प्रशासनिक स्तर से हरसंभव वित्तीय और व्यावहारिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों ने प्राथमिकता के आधार पर स्कूल परिसर में आधुनिक शौचालयों के निर्माण, जल संकट के स्थायी समाधान के लिए जल संरक्षण टैंक की स्थापना और निर्माणाधीन नए भवन के स्थल पर साइड डेवलपमेंट (तटबंध व भूमि सुधार) के कार्यों को अविलंब पूरा करवाने का ठोस भरोसा दिया। कार्यक्रम के समापन पर अध्यापकों ने सभी का आभार व्यक्त किया और उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से स्कूल के कायाकल्प का दृढ़ संकल्प लिया।
