राजनीतिक द्वेष और बेबुनियाद अफवाहों के बीच, 102 वर्षों के गौरवशाली इतिहास वाले जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने अर्की में आयोजित एक अहम प्रेसवार्ता में विरोधियों को सीधा और खुला चैलेंज दे दिया है। सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर बैंक के 'डूबने' और 'पैसे निकालने' की झूठी खबरें फैलाने वाले तथाकथित लोगों पर बरसते हुए, चेयरमैन ने न सिर्फ 2200 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुके बैंक के ऑडिटेड वित्तीय आंकड़े जनता के सामने रखे, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि बैंक को बदनाम करने की साजिश रचने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। लगातार चार वर्षों से बैंक का 'ज़ीरो नेट एनपीए' (Zero Net NPA) उन तमाम अफवाहों पर एक करारी 'सर्जिकल स्ट्राइक' है, जिसका जवाब अब मीडिया में नहीं, बल्कि सीधे माननीय उच्च न्यायालय (High Court) में मानहानि (Defamation) के नोटिस के जरिए दिया जाएगा। पढ़ें विस्तार से..
जोगिन्द्रा बैंक के 102 साल: अफवाहों पर चेयरमैन मुकेश शर्मा की 'सर्जिकल स्ट्राइक', विरोधियों को हाईकोर्ट में घसीटने की खुली चेतावनी - पढ़ें पूरी खबर..
सोलन/अर्की: (HD News); राजनीतिक द्वेष और भ्रामक अफवाहों के बीच, जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने अर्की में आयोजित एक अहम प्रेसवार्ता में अपने विरोधियों पर सीधा और तीखा प्रहार किया है। बैंक के 'डूबने' और 'पैसे निकालने' जैसी मनगढ़ंत कहानियों को सिरे से खारिज करते हुए, चेयरमैन ने न सिर्फ बैंक की तरक्की के प्रमाणित वित्तीय आंकड़े जनता के सामने रखे, बल्कि अफवाह फैलाने वाले तथाकथित लोगों को सीधे माननीय उच्च न्यायालय (High Court) में घसीटने की दो-टूक चेतावनी भी दे डाली है। 102 वर्षों के ऐतिहासिक सफर वाले इस राज्य-नियंत्रित बैंक का लगातार 4 सालों से 'जीरो नेट एनपीए' (Zero Net NPA) और करोड़ों का मुनाफा उन तमाम विरोधियों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो बिना तथ्यों के जनता और ग्राहकों को भ्रमित करने का कुप्रयास कर रहे थे।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन मुकेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि 1924 में स्थापित जोगिन्द्रा बैंक हिमाचल प्रदेश सरकार के नियंत्रण वाला एक बेहद पुराना और पारदर्शी संस्थान है। उन्होंने एक वकील द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लगे लॉकडाउन जैसी आपदाओं का हवाला देकर या बिना सिर-पैर के आरोप लगाकर कुछ लोग बैंक की साख को बट्टा लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इन लोगों ने आज तक न तो कभी बैंक प्रबंधन से मुलाकात की है और न ही इनके पास कोई पुख्ता सबूत है। चेयरमैन ने साफ किया कि बैंक प्रबंधन अब ग्राहकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी: 'मीडिया में नहीं, हाईकोर्ट में देंगे जवाब'
चेयरमैन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ऐलान किया कि वह विरोधियों के बेबुनियाद आरोपों का जवाब मीडिया में नहीं देंगे, बल्कि इसकी गूंज अब सीधे हाईकोर्ट में सुनाई देगी। उन्होंने बताया कि भ्रामक प्रचार करने वाले एडवोकेट के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल में भी लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई है, जिस पर काउंसिल ने एफिडेविट के जरिए सुबूत मांगे हैं। शर्मा ने सख्त लहजे में कहा कि अगले कुछ ही दिनों में उनके वकील के माध्यम से मानहानि (Defamation) का लीगल नोटिस भेजा जा रहा है। यदि आरोपी ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो बैंक उसके खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर कर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।
आंकड़ों की सर्जिकल स्ट्राइक: 2200 करोड़ के पार पहुंचा व्यवसाय
बैंक के डूबने की अफवाहों को रिज़र्व बैंक (RBI) और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा ऑडिटेड आंकड़ों के हथौड़े से तोड़ते हुए मुकेश शर्मा ने बताया कि जोगिन्द्रा बैंक आज अपनी सबसे मजबूत वित्तीय स्थिति में है। बीते वित्तीय वर्ष में बैंक का नेट प्रॉफिट 20.2 करोड़ से बढ़कर 21.58 करोड़ रुपये हो गया है। बैंक का कुल व्यवसाय (डिपॉजिट और ऋण) अब 2139 करोड़ रुपये से उछाल मारकर 2239 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो अपने आप में एक बड़ा माइलस्टोन है। इसके साथ ही, ग्राहकों के अटूट विश्वास के कारण बैंक का डिपॉजिट 1427 करोड़ से बढ़कर 1517 करोड़ और ऋण वितरण 711 करोड़ से बढ़कर 744 करोड़ रुपये हो गया है।

'जीरो NPA' का शानदार रिकॉर्ड और मजबूत नेटवर्थ
बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़ी चुनौती माने जाने वाले एनपीए (NPA) के मोर्चे पर जोगिन्द्रा बैंक ने देश के बड़े-बड़े बैंकों को पीछे छोड़ दिया है। चेयरमैन ने फख्र के साथ बताया कि पिछले लगातार चार सालों से बैंक का शुद्ध (Net) NPA शून्य (0%) बना हुआ है। वहीं, ग्रॉस NPA भी मात्र 3.2% है। बैंक की नेटवर्थ 140 करोड़ से छलांग लगाकर 164 करोड़ रुपये हो गई है। रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित 9% CRAR (कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो) के मुकाबले बैंक का CRAR 19.9% है, जो चीख-चीख कर यह गवाही दे रहा है कि बैंक आर्थिक रूप से पूरी तरह सुदृढ़ है और ग्राहकों का पैसा 100% सुरक्षित है।
डिजिटल क्रांति: 1242 करोड़ का यूपीआई (UPI) लेनदेन
डिजिटल बैंकिंग के दौर में बैंक तेजी से नई उड़ान भर रहा है। चेयरमैन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बैंक में UPI सेवा लॉन्च की गई थी, जिसके माध्यम से अब तक 1242 करोड़ रुपये के डिजिटल लेनदेन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। बैंक अब यहीं रुकने वाला नहीं है; रिज़र्व बैंक से अनुमति के बाद इस साल के अंत तक ग्राहकों के लिए नेट बैंकिंग (Net Banking) सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी, जिससे ग्राहक घर बैठे अपनी उंगलियों पर पूरी बैंकिंग का लाभ उठा सकेंगे।

जनता के लिए नई पहल: शाखाओं का आधुनिकीकरण और नया एटीएम
ग्राहकों और बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैंक अपनी पुरानी शाखाओं को आधुनिक और सुलभ स्थानों पर शिफ्ट कर रहा है। अर्की की शाखा, जो वर्तमान में पहली मंजिल पर है, उसे स्थानीय विधायक और डायरेक्टर्स की मांग पर जल्द ही ग्राउंड फ्लोर (मेन रोड) पर लाया जा रहा है। साथ ही अर्की में एक नया एटीएम (ATM) भी खोला जाएगा। इसके अलावा कुनिहार, बातलघाटी (फोरलेन) और जयनगर की शाखाओं को भी शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बैंक ने अपनी शाखाओं की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी है और बागा में भी नई शाखा के लिए सर्वे चल रहा है।
कुल मिलाकर, अर्की में आयोजित इस प्रेसवार्ता से यह स्पष्ट होता है कि जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक अपने वित्तीय लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। बैंक द्वारा प्रस्तुत 2200 करोड़ रुपये के व्यवसाय और शून्य प्रतिशत नेट एनपीए (0% Net NPA) के आंकड़े इसकी मजबूत आर्थिक स्थिति को प्रमाणित करते हैं। जहां एक ओर चेयरमैन ने बिना साक्ष्यों के हो रहे भ्रामक प्रचार के खिलाफ कानूनी कदम उठाने का कड़ा संदेश दिया है, वहीं दूसरी ओर बैंक के मूल्यवान ग्राहकों को यह भी आश्वस्त किया है कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। कुल मिलाकर, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस अफवाहों को विराम देने, पारदर्शिता बनाए रखने और जनता व बैंक के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह समाचार अर्की में जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए आधिकारिक बयानों और मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किए गए रिज़र्व बैंक (RBI) व चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा ऑडिटेड वित्तीय आंकड़ों पर आधारित है। इस रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य बैंक के ग्राहकों और आम जनता तक तथ्यों पर आधारित प्रामाणिक और पारदर्शी जानकारी पहुंचाना है। उल्लिखित कानूनी चेतावनियां और मानहानि के नोटिस बैंक प्रबंधन के आधिकारिक बयान का हिस्सा हैं, जिन पर भविष्य की किसी भी कानूनी कार्रवाई का निर्णय माननीय उच्च न्यायालय के अधीन रहेगा।