हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार घटते वन क्षेत्र और बदलते पर्यावरण चक्र के बीच, बाड़ीधार की ग्राम पंचायत कुंहर ने प्रकृति संरक्षण की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। देश के स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के ऐतिहासिक अवसर पर पंचायत में वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के साझा प्रयासों से एक वृहद पौधरोपण महाभियान का आगाज होने जा रहा है। इस मुहिम के तहत पंचायत की खाली जमीन और वन क्षेत्रों में जनभागीदारी से 1000 पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें पहाड़ी आबोहवा के अनुकूल 700 देवदार और 300 बांन के पौधे शामिल हैं। उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र ठाकुर के मुख्य अतिथि और पंचायत प्रधान अमर सिंह ठाकुर की अगुवाई में होने वाले इस महाभियान में स्कूली बच्चों से लेकर महिलाओं और युवाओं की भारी सहभागिता रहेगी, जो पहाड़ों की आबोहवा को शुद्ध करने और मिट्टी के कटाव को रोकने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। पढ़ें विस्तार से..
सोलन/कुंहर: (HD News); हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में निरंतर घटते वन क्षेत्र और बदलते पर्यावरण चक्र के बीच, प्रकृति को सहेजने की एक बेहद सकारात्मक और अनुकरणीय पहल सामने आई है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के साझा प्रयासों से एक वृहद पौधरोपण महाभियान का शंखनाद किया गया है। इसी कड़ी में, बाडीधार क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंहर में कल यानी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के ऐतिहासिक अवसर पर जनभागीदारी से 1000 पौधे रोपने का महासंकल्प लिया गया है। खाली पड़े वन क्षेत्रों और पंचायत की भूमि पर चलाए जाने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरा-भरा कल सुनिश्चित करना है।

पारिस्थितिकी के अनुकूल प्रजातियों का चयन
इस महाभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें स्थानीय आबोहवा और भौगोलिक परिस्थितियों के पूर्णतः अनुकूल पौधों की प्रजातियों को प्राथमिकता दी जा रही है। तय लक्ष्य के अनुसार, पंचायत क्षेत्र में 700 देवदार (Cedrus deodara) और 300 बांन के पौधे रोपे जाएंगे। पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं, स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं की संयुक्त टीम द्वारा इन पौधों की रोपाई सुनिश्चित की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ों के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के लिए देवदार का वृक्ष किसी वरदान से कम नहीं है। इस अभियान में देवदार को मुख्य रूप से शामिल करने के पीछे कई ठोस वैज्ञानिक और पर्यावरणीय कारण हैं:
पर्यावरण शुद्धि: देवदार के विशाल और सदाबहार वृक्ष न केवल प्राकृतिक रूप से हवा को फिल्टर कर उसे शुद्ध करते हैं, बल्कि अपने औषधीय गुणों के कारण आसपास के वातावरण को भी सुगंधित व स्वास्थ्यवर्धक बनाए रखते हैं।
भू-संरक्षण में अत्यंत कारगर: पहाड़ी इलाकों में बरसात के दौरान होने वाले भारी भूस्खलन और मिट्टी के कटाव को रोकने में देवदार की गहरी और मजबूत जड़ें एक प्राकृतिक ढाल का काम करती हैं।
न्यूनतम रखरखाव: इन पौधों की एक बड़ी खूबी यह है कि इन्हें शुरुआती रोपाई के बाद बहुत अधिक खाद या निरंतर पानी की आवश्यकता नहीं होती। एक बार जड़ पकड़ लेने के बाद ये प्राकृतिक रूप से ही पनपते रहते हैं।

नई पीढ़ी का प्रकृति से जुड़ाव
किसी भी अभियान की वास्तविक सफलता तब सुनिश्चित होती है, जब उसमें युवा पीढ़ी की सहभागिता हो। पर्यावरण के प्रति बच्चों को जागरूक करने और उनमें प्रकृति प्रेम विकसित करने के लिए इस पौधरोपण कार्यक्रम में घड़याच और लडोग स्कूल के छात्र-छात्राएं भी विशेष रूप से भाग लेंगे। स्कूली बच्चों की यह सक्रिय भागीदारी न केवल उन्हें पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक पाठ पढ़ाएगी, बल्कि उन्हें भविष्य के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी गढ़ेगी।
अधिवक्ता वीरेंद्र ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन
इस पुनीत और दूरगामी परिणाम वाले कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि और प्रमुख सहयोगी शिरकत करेंगे। गौरतलब है कि बाडीधार की कुंहर पंचायत में हरियाली को बढ़ावा देने और पर्यावरण जागरूकता के ऐसे अभियानों में अधिवक्ता वीरेंद्र ठाकुर का लंबे समय से उल्लेखनीय व निस्वार्थ योगदान रहा है। उनके निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन ने स्थानीय ग्रामीणों के भीतर अपनी माटी और जंगलों के प्रति एक नई चेतना का संचार किया है।
पंचायत प्रधान का ग्रामवासियों से विशेष आह्वान
इस महाभियान को एक जन-आंदोलन में तब्दील करने और इसकी शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करने के लिए कुंहर पंचायत के प्रधान अमर सिंह ठाकुर ने क्षेत्र के सभी गांवों के निवासियों से एक भावपूर्ण अपील की है।
उन्होंने सभी ग्रामीणों, महिला मंडलों, युवाओं और बुजुर्गों से आग्रह किया है कि वे 15 अगस्त को आयोजित होने वाले इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रधान अमर सिंह ठाकुर ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि वन संपदा का संरक्षण केवल वन विभाग या पंचायत का दायित्व नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके इस ओजस्वी आह्वान के बाद यह पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि कल इस महाभियान में कुंहर पंचायत का हर घर अपनी भागीदारी दर्ज करवाएगा, जो प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए भी एक बेहतरीन मिसाल साबित होगी।
