हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जहां हनोगी टनल के भीतर दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जबकि सात अन्य घायल हुए हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और बचाव दल ने क्षतिग्रस्त वाहनों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया, जहां दो की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर..
मंडी: (HD News); चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर गुरुवार की सुबह एक रूह कंपा देने वाले सड़क हादसे से दहल उठी। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हनोगी टनल के भीतर दो भारी ट्रकों की आमने-सामने ऐसी भीषण टक्कर हुई कि मौके पर ही चीख-पुकार और मातम पसर गया। इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। टनल के संकरे हिस्से में हुई इस जोरदार भिड़ंत में दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए, जिससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

आमने-सामने की टक्कर से उड़े परखच्चे, गूंज उठी चीखें
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एक ट्रक मंडी से कुल्लू की दिशा में जा रहा था, जबकि दूसरा विपरीत दिशा यानी कुल्लू से मंडी की ओर आ रहा था। हनोगी टनल के अंदर पहुंचते ही दोनों वाहनों में सीधी और बेहद जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयशर और टाटा ट्रकों का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर होकर लोहे के मलबे में तब्दील हो गया। जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ टनल के भीतर धुआं और चीखें गूंज उठीं।
गैस कटर और रॉड से केबिन काटकर निकाले गए शव और घायल
हादसे के तुरंत बाद टनल के अंदर का दृश्य बेहद हृदयविदारक था। ट्रक का एक हिस्सा इस कदर दब चुका था कि उसमें सवार लोग लोहे के ढांचों के बीच बुरी तरह फंस गए। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने फौरन मोर्चा संभाला। लोहे की रॉड और अन्य भारी उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त केबिन को काटकर कड़ी मशक्कत के बाद फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंचे बचाव दल को घायलों को निकालने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा।

अस्पताल पहुंचते-पहुंचते 4 की थमीं सांसें, 2 की हालत नाजुक
हादसे के शिकार लोगों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया गया। सीएचसी नगवाईं में तैनात मेडिकल ऑफिसर ने तीन लोगों को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, प्राथमिक उपचार के बाद सात घायलों को जोनल अस्पताल कुल्लू और श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेजा गया। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती बेहद गंभीर दो घायलों में से एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़कर चार हो गया। मृतकों और घायलों की शिनाख्त के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।
तेज रफ्तार बनी जानलेवा, पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच
डीएसपी पधर लोकेंद्र नेगी ने इस भीषण दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में दुर्घटना की मुख्य वजह टनल के भीतर वाहनों की अनियंत्रित और अत्यधिक रफ्तार मानी जा रही है। पुलिस फोरलेन और टनल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि हादसे के वास्तविक तकनीकी कारणों और मानवीय चूक की सटीक पड़ताल की जा सके।
