दाड़लाघाट के पी.एम. श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित उपमंडल स्तरीय 'चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस' में राजकीय उच्च विद्यालय लडोग के छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का डंका बजाया है। अर्की उपमंडल के लगभग 77 सरकारी और निजी स्कूलों की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, लडोग स्कूल के आठवीं कक्षा के होनहार छात्र भरत ने 'इनोवेटिव साइंस मॉडल' में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान हासिल किया है। भरत की इस शानदार उपलब्धि ने न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है और युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच को एक नई उड़ान दी है।
अर्की: (HD News); पी.एम. श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में आयोजित उपमंडल स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में राजकीय उच्च विद्यालय लडोग के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक मेधा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रतियोगिता में विद्यालय के आठवीं कक्षा के होनहार छात्र भरत ने 'इनोवेटिव साइंस मॉडल' श्रेणी में तृतीय स्थान हासिल कर न केवल अपने स्कूल का, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

25 और 26 सितंबर 2026 को आयोजित इस प्रतिष्ठित विज्ञान महोत्सव में अर्की उपमंडल के लगभग 77 सरकारी और निजी स्कूलों ने हिस्सा लिया था। इतने कड़े मुकाबले और भारी प्रतिस्पर्धा के बीच लडोग स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता का शानदार परिचय दिया।
इस विज्ञान कांग्रेस में लडोग स्कूल की ओर से कुल आठ विद्यार्थियों के दल ने भाग लिया था। इन छात्रों ने जूनियर साइंस क्विज, सीनियर साइंस क्विज, मैथमेटिकल ओलंपियाड और इनोवेटिव साइंस मॉडल जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण श्रेणियों में पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

गाइड शिक्षकों के मार्गदर्शन में मिली सफलता विद्यार्थियों की इस सफलता के पीछे गाइड अध्यापक श्री यशपाल वर्मा और श्रीमती सरोज कुमारी का अहम योगदान रहा। उनके सटीक मार्गदर्शन और अथक प्रयासों की बदौलत ही छात्रों ने इस विज्ञान महोत्सव में पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी दावेदारी पेश की।
स्कूल पहुँचने पर हुआ भव्य स्वागत प्रतियोगिता में सफलता का परचम लहराने के बाद जब छात्र भरत वापस विद्यालय पहुंचे, तो स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और सहपाठियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने भरत की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी। शिक्षकों ने कहा कि भरत की यह सफलता स्कूल के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनेगी और इससे परिसर में वैज्ञानिक सोच व नवाचार (Innovation) को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
विद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागी छात्रों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों (श्री यशपाल वर्मा एवं श्रीमती सरोज कुमारी) की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
