शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 13 अक्टूबर की शाम से 15 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। मौसम के इस बदलाव का असर पहाड़ी क्षेत्रों के साथ मैदानी जिलों में भी देखने को मिल सकता है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचे इलाकों तथा पर्वतीय दर्रों में पिछले मौसम परिवर्तन के दौरान बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं, प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सुंदरनगर में 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना में भी बारिश हुई।
13 से 15 अक्टूबर के बीच मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए विशेषकर ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी सड़कों पर बारिश, कम दृश्यता और तापमान में गिरावट से यात्रा प्रभावित हो सकती है। हालांकि, हर जिले में एक जैसी बारिश या बर्फबारी होना जरूरी नहीं है।

किसानों, बागवानों और पर्यटकों के लिए क्या मायने?
मौसम में बदलाव का असर कृषि और बागवानी गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। किसानों और बागवानों को अपने क्षेत्र के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार कामकाज की योजना बनानी चाहिए। पर्यटकों को ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में जाने से पहले सड़क की स्थिति, मौसम चेतावनी और प्रशासन की सलाह की जानकारी लेनी चाहिए।
आगे क्या? मौसम विभाग के आगामी बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी होगा। किसी जिले के लिए विशेष चेतावनी जारी होने पर उसी जिले के आधिकारिक अपडेट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
