शिमला: शिमला राज्य के एकमात्र सरकारी डैंटल कॉलेज में रैगिंग का गंभीर मामला सामने आने के बाद प्रबंधन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। मामले में संलिप्त तीन आरोपी सीनियर छात्रों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है और उनके अभिभावकों को भी स्पष्टीकरण के लिए कॉलेज तलब किया गया है।

ई-मेल और ऑडियो रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा
डैंटल कॉलेज के जूनियर छात्रों ने अस्पताल प्रबंधन को ई-मेल के माध्यम से अपनी शिकायत भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीन सीनियर छात्रों ने 7-8 जूनियर छात्रों को फोन करके संजौली बुलाया और वहां उनके साथ रैगिंग की। शिकायतकर्ताओं ने अपने दावों की पुष्टि के लिए प्रबंधन को इस कथित घटनाक्रम की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है।

एंटी रैगिंग कमेटी ने शुरू की जांच
शिकायत और सबूतों की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत मामला एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दिया है। कमेटी ने आरोपी छात्रों से पूछताछ कर तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि प्रवेश के समय सभी छात्रों से रैगिंग न करने का शपथ पत्र भरवाया जाता है, जिसके आधार पर यह प्रारंभिक दंडात्मक कार्रवाई की गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बुलाई गई उच्च-स्तरीय बैठक में एसएसपी शिमला के निर्देश पर डीएसपी भी शामिल हुए।

कॉलेज में जीरो टॉलरेंस नीति लागू
डैंटल कॉलेज शिमला के प्राचार्य डॉ. योगेश भारद्वाज ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संस्थान में रैगिंग को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना की पूर्ण रूप से पुष्टि एंटी रैगिंग कमेटी की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।