देवभूमि की राजधानी शिमला को नशे की गर्त में धकेलने की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पंजाब के अमृतसर से शिमला में 'चिट्टे' (हेरोइन) की कमर्शियल खेप सप्लाई करने पहुंचे एक तस्कर को पुलिस के स्पेशल सेल ने शोघी के पास 257 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस बड़ी गिरफ्तारी ने ड्रग माफिया के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इसी के साथ शिमला पुलिस ने इस साल नशे के सौदागरों की कमर तोड़ते हुए अब तक 30 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का 5.5 किलो चिट्टा जब्त करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।

शिमला: शिमला पुलिस ने ड्रग माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शोघी के पास एक टैक्सी से 257 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। इस खेप के साथ पंजाब के अमृतसर निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जो राजधानी में नशे की बड़ी सप्लाई करने की फिराक में था। एएसपी शिमला सिटी के मुताबिक, पुलिस इस साल अब तक 30 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का 5.5 किलो चिट्टा जब्त कर चुकी है।

एएसपी शिमला सिटी मेहर पंवर ने बताया कि पुलिस के स्पेशल सेल ने शोघी के नजदीक चेकिंग के लिए एक टैक्सी को रोका था। वाहन की तलाशी के दौरान उसमें सवार 34 वर्षीय रेशम सिंह, निवासी अमृतसर (पंजाब) के कब्जे से 257 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। बरामद किए गए नशे की यह मात्रा कमर्शियल (वाणिज्यिक) श्रेणी में आती है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की खेप को शिमला के लोकल नेटवर्क में खपाने के प्रयास में था।

इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बालूगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला (एफआईआर नंबर 230/2026) दर्ज कर लिया है। आरोपी को जल्द न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस अब तस्कर के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की यह खेप किस सरगना ने भेजी थी और शिमला में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

शिमला पुलिस इस वर्ष नशा तस्करों के पूरे सिंडिकेट को खत्म करने पर विशेष फोकस कर रही है। एएसपी मेहर पंवर ने बताया कि इस साल अब तक करीब 5.5 किलोग्राम हेरोइन और चिट्टा बरामद किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें 6 करोड़ रुपये मूल्य की 1.120 किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी खेप भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने एक करोड़ रुपये की कमर्शियल मात्रा वाली एलएसडी, 16.5 किलो चरस, 14 किलो अफीम और 6 किलो चूरा पोस्त भी जब्त किया है। पुलिस टीमों ने नशे की जड़ पर वार करते हुए भांग और अफीम की अवैध खेती के 10 लाख से अधिक पौधों को भी नष्ट किया है।

शिमला पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि में नशे के सौदागरों के लिए अब कोई जगह नहीं है। पंजाब और अन्य बाहरी राज्यों से हिमाचल में नशा खपाने की कोशिश कर रहे तस्करों पर पुलिस की पैनी नजर है। करोड़ों रुपये के नशीले पदार्थों की लगातार हो रही जब्ती यह साबित करती है कि प्रशासन ड्रग सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब यह देखना अहम होगा कि गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ के बाद नशे के इस काले कारोबार से जुड़े और कितने बड़े चेहरों से नकाब उठता है।
