शिमला: (HD News); शिमला के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजीव गांधी के खिलाफ सरकारी फंड में कथित हेराफेरी और धोखाधड़ी के आरोपों में दर्ज दो एफआईआर (FIR) की जांच तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय की ऑडिट रिपोर्ट और एक कांस्टेबल की शिकायत के आधार पर 22 अक्टूबर को शिमला थाने में ये मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने सबूतों और दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है।

दो अलग-अलग मामलों में घिरे पूर्व एसपी
जानकारी के अनुसार, पूर्व एसपी संजीव गांधी पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पहला मामला उनके सरकारी आवास 'साउथवुड' की मरम्मत के लिए जारी किए गए फंड में 14 लाख रुपये से अधिक की कथित वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ा है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। वहीं, दूसरा मामला पुलिस लाइन कैथू में तैनात एक कांस्टेबल द्वारा दी गई शिकायत पर आधारित है। इन दोनों शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामले दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दस्तावेजों के विश्लेषण में जुटी एसआईटी
मामले की वर्तमान स्थिति को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शिमला सिटी, मेहर पंवर ने अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि दोनों एफआईआर अलग-अलग आधार (ऑडिट रिपोर्ट और कांस्टेबल की शिकायत) पर दर्ज की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच अभी अपने शुरुआती चरण में है। एसआईटी फिलहाल दोनों मामलों से जुड़े सभी आवश्यक और प्रासंगिक दस्तावेज एकत्र कर उनका गहनता से विश्लेषण कर रही है।

जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
एएसपी मेहर पंवर ने कहा कि इस मामले में अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस टीम पूरी पारदर्शिता के साथ हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। दस्तावेजों की विस्तृत जांच और साक्ष्यों के पूर्ण विश्लेषण के बाद ही उभरकर सामने आने वाले तथ्यों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। आगे की कानूनी पड़ताल के बाद ही इस पूरे प्रकरण की असली तस्वीर साफ हो पाएगी।