हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ में करोड़ों रुपये का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नालागढ़-स्वारघाट मार्ग पर छह पुलियों के निर्माण के दौरान अवैध रूप से सामग्री की सप्लाई दिखाने के लिए खनन विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर करीब 2500 नकली एम-फॉर्म तैयार किए गए। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की रॉयल्टी का भारी नुकसान हुआ है, जिसके आरोप में नालागढ़ पुलिस ने एक पूर्व विधायक के बेटे, एक निर्माण कंपनी और संबंधित विभागों के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस मामले में एक पूर्व विधायक के बेटे, एक स्टोन क्रशर, एक निर्माण कंपनी और एनएच तथा खनन विभाग के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ नालागढ़ पुलिस थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है।

फर्जी वेबसाइट और 2500 नकली एम-फॉर्म
यह घोटाला नालागढ़-स्वारघाट मार्ग पर 6 पुलियों के निर्माण के दौरान अवैध रूप से सामग्री की सप्लाई दिखाने से जुड़ा है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने खनन विभाग की एक फर्जी वेबसाइट बनाकर करीब 2500 नकली एम-फॉर्म तैयार किए, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की रॉयल्टी का भारी नुकसान हुआ।

डीजीपी के निर्देश पर जांच और कार्रवाई
शिकायतकर्ता मोहन शर्मा द्वारा राज्य सरकार से की गई शिकायत के बाद, डीजीपी के निर्देश पर डीएसपी परवाणू ने मामले की गहन जांच की। जांच रिपोर्ट में तथ्य सही पाए जाने के बाद ही यह मामला दर्ज किया गया है। बद्दी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।
