निर्वासित तिब्बती संसद के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य येशी फूंटोक ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से शिष्टाचार भेंट कर भारत-तिब्बत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की एक अहम रूपरेखा साझा की। इस मुलाकात के दौरान आचार्य फूंटोक ने तिब्बती समुदाय को मिल रहे निरंतर समर्थन के लिए आभार जताया और बताया कि शिमला के चार प्रमुख कॉलेजों में '108 शान्ति संस्था' के जरिए विशेष संवाद कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया है। पढ़ें विस्तार से..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से सोमवार (17 अगस्त) दोपहर उनके कार्यालय कक्ष में निर्वासित तिब्बती संसद के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य येशी फूंटोक ने शिष्टाचार भेंट की। इंडो-तिब्बत मैत्री संघ और भारत-तिब्बत सहयोग मंच के वरिष्ठ सलाहकार की भूमिका निभा रहे आचार्य फूंटोक ने इस मुलाकात के दौरान भारत और तिब्बत के ऐतिहासिक रिश्तों को सहेजने और युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

तिब्बती समुदाय को मिले सम्मान के लिए जताया आभार
बैठक के दौरान आचार्य येशी फूंटोक ने हिमाचल प्रदेश सरकार और विशेषकर विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री पठानिया ने अपनी अत्यधिक व्यस्तताओं के बावजूद तिब्बती समुदाय के हर वर्ग, धर्मगुरुओं और निर्वासित तिब्बती सरकार के जन प्रतिनिधियों को हमेशा पूरा समय और सम्मान दिया है। आचार्य फूंटोक ने इसे विधानसभा अध्यक्ष की महानता और गहरी मानवीय संवेदना का परिचायक बताया और उन्हें तिब्बती समुदाय को दिए जा रहे अभूतपूर्व सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
शिमला के 4 प्रमुख कॉलेजों में शुरू होगा 'संवाद कार्यक्रम'
इस अवसर पर आचार्य फूंटोक ने विधानसभा अध्यक्ष को तिब्बती समुदाय की '108 शान्ति संस्था' की नई और महत्वपूर्ण पहल से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह संस्था राजधानी शिमला के चार प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों— हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU), राजीव गांधी उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली, राजकीय कन्या महाविद्यालय (RKMV) शिमला और सेंट बीड्स कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभागों के साथ मिलकर 'भारत-तिब्बत संबंध' विषय पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम श्रृंखला का आयोजन कर रही है।

युवा पीढ़ी को ऐतिहासिक और व्यापारिक रिश्तों से रूबरू कराने का लक्ष्य
इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत और तिब्बत के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों के बारे में जागरूक करना है। आचार्य ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा और संवाद के माध्यम से ही भावी पीढ़ी इन अहम रिश्तों की गहराई को समझेगी, जिससे दोनों समुदायों के बीच यह आत्मीय संबंध चिरकाल तक जीवित और प्रगाढ़ बना रहेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
इस दूरगामी और सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने '108 शान्ति संस्था' के इस अभियान को अपना भरपूर सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक के अंत में उन्होंने निर्वासित तिब्बती सरकार और समूचे तिब्बती समुदाय के उज्ज्वल भविष्य व उनके प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।
