पहाड़ों की रानी शिमला में स्थित भारतीय लोकतंत्र की गौरवशाली धरोहर, हिमाचल प्रदेश विधानसभा का 'कौंसिल चैंबर', आगामी मानसून सत्र में एक नए और अलौकिक अवतार में नजर आएगा। 100 साल के सुनहरे इतिहास को समेटे इस ऐतिहासिक विधानमंडल भवन को सतरंगी रोशनी से नहलाने की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बेशकीमती धरोहर का सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था सर्वोपरि है। प्रशासन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को सख्त हिदायत दी गई है कि सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले सभी कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इस बार का मानसून सत्र न केवल सदन के भीतर की राजनीतिक सरगर्मियों का गवाह बनेगा, बल्कि बाहर से जगमगाता लोकतंत्र का यह मंदिर हर आगंतुक को अपने ऐतिहासिक वैभव का अहसास भी कराएगा। पढ़ें विस्तार से..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश विधानसभा का आगामी मानसून सत्र इस बार एक विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। 'पहाड़ों की रानी' के नाम से विख्यात राजधानी शिमला की वादियों में स्थित ऐतिहासिक विधानमंडल भवन इस बार रंग-बिरंगी रोशनी से सराबोर नजर आएगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने इस बेशकीमती धरोहर की सुंदरता को और अधिक निखारने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित किया है कि सत्र के दौरान पूरा परिसर एक अलौकिक और मनमोहक छटा बिखेरे, जो हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करे।
100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास का साक्षी है 'कौंसिल चैंबर' -
विधानसभा अध्यक्ष ने ऐतिहासिक 'कौंसिल चैंबर' के गौरवशाली अतीत पर प्रकाश डालते हुए इसे एक अनमोल धरोहर करार दिया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक इमारत को सहेजना और सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है। इस भवन की नींव तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत द्वारा वर्ष 1920 में रखी गई थी और पांच साल के कड़े परिश्रम के बाद 1925 में यह भव्य इमारत बनकर तैयार हुई थी। यह भवन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह अहम हिस्सा है, जहाँ देश की पहली केंद्रीय असेंबली (Central Assembly) बैठी थी और विट्ठल भाई पटेल ने इसके प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया था।

परिसर का सौंदर्यीकरण और विभागों को सख्त निर्देश -
वर्तमान में विधानसभा परिसर के अंतर्गत चार प्रमुख इमारतें— कौंसिल चैंबर, विट्ठल भाई भवन, प्रशासनिक भवन तथा डॉ. यशवंत सिंह परमार पुस्तकालय भवन विद्यमान हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इन सभी भवनों को चारों ओर से सुरक्षित करने और इनके बाहरी तथा आंतरिक स्वरूप को संवारने का कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD), विद्युत विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सौंदर्यीकरण और मरम्मत के सभी कार्य मानसून सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।
सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर कड़ा पहरा -
मानसून सत्र के सफल और सुचारू संचालन के लिए विधानसभा सचिवालय पूरी तरह से मुस्तैद है। सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कुलदीप पठानिया ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रबंधों को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अध्यक्ष ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि 'आसन' (विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी) से जारी होने वाले हर आदेश की अक्षरश: परिपालना (Strict Compliance) सुनिश्चित की जाए और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आगंतुकों की सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा प्रबंध -
सत्र के दौरान जनभागीदारी और सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कार्यवाही में भाग लेने वाले माननीय विधायकों, आम आगंतुकों और विशेषकर सत्र की कार्यवाही देखने आने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को किसी भी तरह की असुविधा या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य स्थिति से तुरंत निपटने के लिए विधानसभा परिसर में एक अत्याधुनिक एंबुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की टीम पूरे सत्र के दौरान 24/7 मौजूद रहेगी।
19 अगस्त को होगी मीडिया के साथ विशेष चर्चा -
आगामी मानसून सत्र की रूपरेखा, तैयारियों और सदन के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष मीडिया से भी सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि वह 19 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे विधानसभा परिसर में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत प्रेस वार्ता करेंगे, जहाँ सत्र से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की जाएंगी।
