हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आगामी मानसून सत्र की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए सदन में मंत्रियों द्वारा दिए जाने वाले आश्वासनों पर सख्त निगरानी के संकेत दिए हैं। उन्होंने घोषणा की कि मंत्रियों के आश्वासनों के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पीकर की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र 'एश्योरेंस कमेटी' गठित करने पर विचार किया जा रहा है। 21 अगस्त से 3 सितंबर तक चलने वाले 10 दिवसीय सत्र की जानकारी देते हुए पठानिया ने बताया कि विधायकों से जनता से जुड़े कुल 1, 036 सवाल प्राप्त हुए हैं, जिन्हें सरकार को भेज दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने सत्र के शांतिपूर्ण व सुचारु संचालन के लिए 20 अगस्त को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है। पढ़ें विस्तार से..
स्पीकर कुलदीप पठानिया का एलान: 21 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र; उठेंगे 1, 036 सवाल, बनेगी नई 'एश्योरेंस कमेटी'
शिमला : (HD News); हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का आगामी मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलेगा। कुल 10 बैठकों वाले इस सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार तकरार देखने को मिल सकती है। सत्र के दौरान जनता से जुड़े 1, 036 सवालों के जरिए सरकार को घेरने की पूरी तैयारी है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि विधायकों से मिले सभी सवाल ऑनलाइन माध्यम से दर्ज किए जा चुके हैं और उन्हें जवाब के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। प्राप्त सवालों में 787 तारांकित और 249 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं।

सदन में जनहित के गंभीर मामलों को उठाने के लिए विभिन्न नियमों के तहत दर्जनों सूचनाएं भी प्राप्त हुई हैं। इनमें 13 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, नियम 130 के तहत राज्य हित के मुद्दों पर 15 सूचनाएं, नियम 63 के तहत दो घंटे की विशेष चर्चा के लिए 2 सूचनाएं और नियम 101 के तहत गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए 5 सूचनाएं शामिल हैं। विधायकों के मुख्य सवालों में भारी बारिश से सड़कों और पेयजल योजनाओं को पहुंचे भारी नुकसान, शिक्षा विभाग में रिक्त पदों, सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपलों व प्रवक्ताओं की तैनाती, स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी तथा मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक मशीनों और दवाओं का संकट प्रमुखता से उठाया गया है।

सदन में मंत्रियों द्वारा दिए जाने वाले आश्वासनों की निगरानी के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं। पठानिया ने बताया कि इन आश्वासनों के समयबद्ध क्रियान्वयन और समीक्षा के लिए स्पीकर की अध्यक्षता में एक अलग 'एश्योरेंस कमेटी' गठित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हिमाचल विधानसभा की कार्य उत्पादकता देशभर में 90 से 132 प्रतिशत के साथ सर्वश्रेष्ठ दर्ज की गई है।
सत्र की विधिवत शुरुआत से पहले 20 अगस्त को सदन के सुचारु संचालन के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। इसके बाद 21 अगस्त को पहले दिन दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही विधानसभा की कार्यवाही औपचारिक रूप से शुरू होगी।
