Aaj Ka Panchang 12 October 2026: आज सोमवार, 12 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से जीवन में धैर्य, संयम, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का संचार होता है। ऐसे में दिन की शुरुआत करने से पहले जान लें आज का शुभ-अशुभ समय, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त, तिथि, नक्षत्र और पूजा का सही समय।
शिमला: आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। सोमवार को मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प की प्रतीक हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मां की आराधना कर भक्त सुख-शांति, धैर्य और मनोवांछित फल की कामना करते हैं।

तिथि एवं पक्ष: आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रात लगभग 10:13 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि प्रारंभ होगी। आज सोमवार का व्रत और सिंधारा दूज का पर्व भी है।
संवत एवं मास: आज विक्रम संवत 2083, सिद्धार्थी तथा शक संवत 1948, पराभव चल रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार पूर्णिमांत और अमांत, दोनों गणनाओं में आश्विन मास है। वर्तमान ऋतु शरद है।
नक्षत्र एवं योग: आज स्वाति नक्षत्र रात लगभग 11:52 बजे तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा। विष्कुम्भ योग रात लगभग 8:32 बजे तक रहेगा, इसके बाद प्रीति योग आरंभ होगा।
करण एवं चंद्र राशि: आज बालव करण सुबह लगभग 9:48 बजे तक रहेगा, इसके बाद कौलव करण रात लगभग 10:13 बजे तक रहेगा। तत्पश्चात तैतिल करण प्रारंभ होगा। चंद्रमा पूरे दिन और रात तुला राशि में संचार करेगा। सूर्य कन्या राशि में स्थित है।

सूर्योदय एवं सूर्यास्त: शिमला में आज सूर्योदय लगभग सुबह 6:22 बजे और सूर्यास्त शाम 5:53 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह लगभग 7:56 बजे तथा चंद्रास्त शाम लगभग 6:31 बजे के आसपास होगा।
शुभ मुहूर्त: आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। अमृत काल लगभग दोपहर 2:35 बजे से शाम 4:16 बजे तक रहेगा। शुभ कार्य करने से पहले स्थानीय पंचांग और कार्य की प्रकृति के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि कर लें।
राहुकाल एवं अशुभ समय: आज राहुकाल सुबह 7:48 बजे से 9:15 बजे तक, यमगण्ड सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:08 बजे तक तथा गुलिक काल दोपहर 1:34 बजे से 3:01 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त लगभग दोपहर 12:31 बजे से 1:17 बजे तक और दोपहर 2:49 बजे से 3:35 बजे तक है। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान नए शुभ कार्यों का आरंभ टालने की सलाह दी जाती है।
आज का धार्मिक संदेश: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते समय मन में श्रद्धा, धैर्य और संयम का भाव रखें। मां से जीवन में सकारात्मकता, परिवार की सुख-समृद्धि और सभी कार्यों में सफलता की प्रार्थना करें। मां दुर्गा की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे।
डिस्क्लेमर: यह पंचांग पारंपरिक हिंदू ज्योतिषीय गणनाओं एवं धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। तिथि और मुहूर्त के समय में स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करें।
