आज का पंचांग 14 अक्टूबर 2026, बुधवार:** आज शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है। इस पावन अवसर पर मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कुष्मांडा अपने भक्तों को सुख, समृद्धि, ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करती हैं। आज बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा का भी विशेष महत्व है। आइए जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और दिनभर के पंचांग की विस्तृत जानकारी।
आज की तिथि और वार: हिंदू पंचांग के अनुसार आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज बुधवार का दिन है। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष मानी जाती है। इस दिन भक्त भगवान गणेश का स्मरण करके अपने कार्यों में सफलता, बुद्धि और विवेक की कामना करते हैं। तिथि समाप्त होने के बाद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि आरंभ होगी।

नवरात्रि का चौथा दिन और मां कुष्मांडा की पूजा: आज शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कुष्मांडा को सृष्टि की ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। आज सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माता रानी के समक्ष दीपक जलाकर पुष्प, फल तथा भोग अर्पित करें। मां कुष्मांडा की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता, साहस और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
आज का नक्षत्र: आज अनुराधा नक्षत्र रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अनुराधा नक्षत्र मित्रता, सहयोग, अनुशासन और संबंधों में मधुरता का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र आरंभ होगा। नक्षत्र के समय में स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। आज के दिन महत्वपूर्ण कार्यों को धैर्य, समझदारी और सकारात्मक सोच के साथ पूरा करने का प्रयास करें।
आज का योग: आज आयुष्मान योग के बाद सौभाग्य योग बनेगा। पारंपरिक ज्योतिष में आयुष्मान योग को स्वास्थ्य और दीर्घायु की मंगलकामना से तथा सौभाग्य योग को सुख-समृद्धि और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है। आज धार्मिक कार्यों, मंत्र जाप, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए समय निकालना शुभ माना जाता है। किसी विशेष मांगलिक कार्य के लिए संपूर्ण पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि करना उचित रहेगा।
आज का करण: आज वणिज करण के बाद विष्टि करण यानी भद्रा रहेगी। करण तिथि का आधा भाग होता है। पारंपरिक ज्योतिष में वणिज करण को व्यापारिक गतिविधियों से जोड़ा जाता है, जबकि विष्टि करण में कुछ शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्यों के लिए केवल करण के आधार पर निर्णय न लें, बल्कि संपूर्ण मुहूर्त देखें।
आज की चंद्र राशि और सूर्य राशि: आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा, जबकि सूर्य कन्या राशि में है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा को मन और भावनाओं का तथा सूर्य को आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। व्यक्तिगत राशिफल और जन्मकुंडली के फलादेश के लिए जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर अलग-अलग गणना की जाती है।
आज का सूर्योदय और सूर्यास्त: शिमला, हिमाचल प्रदेश के स्थानीय समय के अनुसार आज सूर्योदय सुबह लगभग 6:21 बजे और सूर्यास्त शाम लगभग 5:49 बजे होने का अनुमान है। चंद्रोदय सुबह लगभग 9:50 बजे और चंद्रास्त शाम लगभग 7:52 बजे हो सकता है। भौगोलिक स्थिति और पंचांग की गणना-पद्धति के अनुसार इन समयों में कुछ मिनट का अंतर संभव है।

आज के शुभ मुहूर्त: आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह लगभग 4:47 बजे से 5:35 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह लगभग 11:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक माना गया है। विजय मुहूर्त दोपहर लगभग 2:06 बजे से 2:51 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम लगभग 5:49 बजे से 6:14 बजे तक रहने का अनुमान है। ब्रह्म मुहूर्त को ध्यान, योग और मंत्र जाप के लिए विशेष माना जाता है, जबकि अभिजीत मुहूर्त को कई परंपराओं में शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल समझा जाता है।
आज का राहुकाल: बुधवार को शिमला में राहुकाल दोपहर लगभग 12:05 बजे से 1:31 बजे तक रहने का अनुमान है। पारंपरिक ज्योतिष के अनुसार राहुकाल में नए मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, दैनिक कार्य, नियमित जिम्मेदारियां और आवश्यक काम सामान्य रूप से किए जा सकते हैं। राहुकाल का समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार निर्धारित होता है।
आज का यमगंड और गुलिक काल: आज यमगंड सुबह लगभग 7:47 बजे से 9:13 बजे तक और गुलिक काल सुबह लगभग 10:39 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक रहने का अनुमान है। पारंपरिक पंचांग में इन अवधियों को कुछ शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए प्रतिकूल माना जाता है। किसी महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और योग्य पुरोहित से समय की पुष्टि कर लें।
बुधवार का धार्मिक उपाय: बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है। आज नवरात्रि का चौथा दिन होने के कारण मां कुष्मांडा की आराधना भी करें। पूजा के समय माता रानी के समक्ष दीपक जलाएं, पुष्प अर्पित करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार फल या मिठाई का भोग लगाएं। भगवान गणेश और मां दुर्गा का स्मरण करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना करें।
आज का मंत्र: मां कुष्मांडा की पूजा के समय श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का जाप करें—“ॐ देवी कुष्माण्डायै नमः।” धार्मिक मान्यता के अनुसार मंत्र जाप से मन को एकाग्र करने और सकारात्मक भाव बनाए रखने में सहायता मिलती है। पूजा करते समय मन में श्रद्धा रखें और जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प लें।
आज का विशेष संदेश: नवरात्रि का यह पावन दिन हमें शक्ति, साहस, संयम और सकारात्मकता का संदेश देता है। मां कुष्मांडा की आराधना करते हुए अपने जीवन में अच्छे विचारों को स्थान दें, क्रोध और नकारात्मकता से बचें तथा अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ें। आस्था के साथ मेहनत, अनुशासन और सही निर्णय भी जीवन में सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं।
जय माता दी! जय मां कुष्मांडा! माता रानी आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। आपके परिवार में खुशहाली बनी रहे और सभी कार्य मंगलमय हों।
डिस्क्लेमर: पंचांग के समय स्थान और गणना-पद्धति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान, व्रत या मांगलिक कार्य से पहले स्थानीय पंचांग अथवा योग्य पुरोहित से समय की पुष्टि अवश्य करें।
