​ आज का पंचांग, 18 अक्टूबर 2026: रविवार को सप्तमी-अष्टमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नवरात्रि की विशेष पूजा का महत्व       आज का राशिफल: 18 अक्टूबर 2026 (रविवार) - जानें कैसा रहेगा आपका दिन       हिमाचल में भूकंप: शिमला के रामपुर में 4.1 तीव्रता के झटके, खनेरी अस्पताल में पत्थर गिरने से मची अफरा-तफरी, कोई हताहत नहीं - पढ़ें पूरी खबर..       आज का पंचांग, 17 अक्टूबर 2026: शनिवार को जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल       शनिवार का राशिफल: 17 अक्टूबर 2026; 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? पढ़ें मेष से मीन तक का राशिफल..       जाखू मंदिर में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, 20 साल से दशहरे के लिए रावण के पुतले बना रहे मेरठ के मुस्लिम कारीगर       हिमाचल: लाहौल की घेपन झील पर लगा देश का पहला 'अर्ली वार्निंग सिस्टम', अब टलेगा ग्लेशियर फटने का खतरा       हिमाचल हाईकोर्ट का अहम फैसला: स्पेशल एजुकेटर भर्ती के नियम वैध, भर्ती का तरीका तय करना सरकार का विशेषाधिकार       हिमाचल प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: 100% दिव्यांगों की पेंशन 1700 से बढ़ाकर 3000 रुपये की गई, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें       हिमाचल प्रदेश की 10 बड़ी खबरें: ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी, सुक्खू सरकार का 14 हजार पदों पर बंपर भर्तियों का ऐलान - पढ़ें विस्तार से -      

पंचांग

​ आज का पंचांग, 18 अक्टूबर 2026: रविवार को सप्तमी-अष्टमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नवरात्रि की विशेष पूजा का महत्व

October 18, 2026 04:21 AM
Om Prakash Thakur

जय सूर्यदेव! जय माता दी! आज 18 अक्टूबर 2026, रविवार के पावन दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि प्रातः 8:27 बजे तक व्याप्त रहेगी, तदुपरांत आदिशक्ति मां भगवती की आराधना को समर्पित महाष्टमी तिथि का शुभ आरंभ हो जाएगा। यह विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 का शरद ऋतु व दक्षिणायन का पुण्य काल है। शारदीय नवरात्रि के इस परम कल्याणकारी अवसर पर चंद्रदेव धनु राशि के पश्चात मकर राशि में और सूर्यदेव तुला राशि में गोचर कर रहे हैं। भगवती जगदंबा की आराधना करने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आज का यह दिन अत्यंत फलदायी और मंगलकारी सिद्ध होने वाला है।


आज 18 अक्टूबर 2026, दिन रविवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्तमान में विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है। आज शरद ऋतु और दक्षिणायन का समय है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के बाद आज अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। चंद्र राशि शुरुआत में धनु और बाद में मकर रहेगी, जबकि सूर्य तुला राशि में स्थित रहेंगे। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

पंचांग के विस्तृत विवरण के अनुसार, आज आश्विन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह लगभग 8:27 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्रों की बात करें तो पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दोपहर लगभग 12:49 बजे तक रहेगा और इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा। ज्योतिष में पूर्वाषाढ़ा को उत्साह व संकल्प और उत्तराषाढ़ा को दृढ़ता व समर्पण का प्रतीक माना जाता है। योग के अंतर्गत, आज रात लगभग 11:56 बजे तक शुभ कार्यों से जुड़ा सुकर्मा योग रहेगा, जिसके बाद धृति योग की शुरुआत होगी। वहीं, वणिज करण सुबह लगभग 8:27 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात विष्टि करण (भद्रा) प्रारंभ होकर रात लगभग 9:42 बजे तक प्रभावी रहेगा।

पंचांग गणना के अनुसार, आज सूर्योदय सुबह लगभग 6:24 बजे और सूर्यास्त शाम लगभग 5:49 बजे होने का अनुमान है। आज के शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:43 से 5:33 बजे तक, अमृत काल सुबह 7:24 से 9:12 बजे तक, अभिजित मुहूर्त सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:00 से 2:46 बजे तक रहेगा। यह ध्यान रहे कि भौगोलिक स्थिति (जैसे शिमला या अन्य शहरों) के अनुसार इन समयों में थोड़ा अंतर आ सकता है, इसलिए स्थानीय समय को प्राथमिकता दें।

अशुभ समय की बात करें तो आज रविवार के दिन राहुकाल शाम लगभग 4:23 बजे से 5:49 बजे तक माना गया है। इसके अलावा, यमगंड काल दोपहर 12:06 से 1:32 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 2:57 से शाम 4:23 बजे तक रहेगा। भद्रा का प्रभाव सुबह 8:27 बजे से लेकर रात 9:42 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं में राहुकाल और भद्रा के दौरान नए या शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है, हालांकि आवश्यक दैनिक कार्यों को केवल राहुकाल के आधार पर टालना जरूरी नहीं है।

धार्मिक दृष्टिकोण से, रविवार का दिन सूर्यदेव की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। प्रातः स्नान के उपरांत सूर्यदेव को अर्घ्य देने से सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, शारदीय नवरात्रि में आज महाष्टमी का विशेष महत्व है, जिसमें मां दुर्गा की पूजा, हवन, दुर्गा सप्तशती का पाठ और कन्या पूजन किया जाता है। चूंकि अष्टमी तिथि सुबह से प्रारंभ हो रही है, इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार व्रत और पूजा-पाठ संपन्न करें। आज घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखें, जरूरतमंदों की मदद करें और अपने कार्यों को विवेक के साथ पूरा करें।

डिस्क्लेमर: यह पंचांग लेख पारंपरिक हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दिए गए समय नई दिल्ली की पंचांग गणनाओं पर आधारित अनुमानित समय हैं; शिमला, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य स्थानों पर समय में भिन्नता हो सकती है। व्रत, कन्या पूजन, हवन या अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का समय तय करने से पहले अपने स्थानीय पंचांग या किसी योग्य आचार्य से पुष्टि अवश्य कर लें। इन मान्यताओं को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।

Have something to say? Post your comment

पंचांग में और

आज का पंचांग, 17 अक्टूबर 2026: शनिवार को जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज का पंचांग, 16 अक्टूबर 2026: शुक्रवार को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज का पंचांग, 15 अक्टूबर 2026: गुरुवार को जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज का पंचांग 14 अक्टूबर 2026: नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष योग

आज का पंचांग 13 अक्टूबर 2026: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष योग

आज का पंचांग 12 अक्टूबर 2026: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष योग

आज का पंचांग 10 अक्टूबर 2026 | शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का धार्मिक महत्व।

आज का पंचांग 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार: जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और आज का धार्मिक महत्व..

आज का पंचांग : 8 अक्टूबर 2026: गुरु प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का समय

आज का पंचांग, 7 अक्टूबर 2026: मघा श्राद्ध का विशेष संयोग, जानें तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त