आज का पंचांग, 19 अक्टूबर 2026: सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। शारदीय नवरात्र के दौरान आज सुबह अष्टमी तिथि रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। मां दुर्गा की पूजा, व्रत, मंत्र-जप और आराधना के लिए यह दिन विशेष माना जाता है। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, धृति योग और चंद्रमा का मकर राशि में गोचर रहेगा। आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ-अशुभ समय, राहुकाल और दिनभर के धार्मिक महत्व से जुड़ी प्रमुख जानकारियां।
आज का पंचांग — 19 अक्टूबर 2026, सोमवार
आज सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948 और आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। अष्टमी तिथि सुबह लगभग 10:50 से 10:53 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। आज का दिन मां दुर्गा की आराधना और नवरात्रि के धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण है।

तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज सोमवार का दिन है। तिथि अष्टमी सुबह लगभग 10:51 बजे तक और उसके बाद नवमी रहेगी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा दोपहर लगभग 3:30 से 3:40 बजे तक रहने के बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। आज धृति योग रहेगा, जो रात्रि के बाद अगले दिन तक प्रभावी रहेगा। करण में सुबह बव और उसके बाद बालव करण का प्रभाव रहेगा। पंचांग के इन समयों में स्थान के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर संभव है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति
शिमला, हिमाचल प्रदेश के स्थानीय पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय सुबह लगभग 6:24 से 6:26 बजे और सूर्यास्त शाम लगभग 5:43 से 5:45 बजे होगा। चंद्रमा मकर राशि में संचार करेंगे। चंद्रोदय दोपहर लगभग 1:48 बजे के आसपास रहने का अनुमान है। ये समय शिमला के स्थानीय गणना-आधारित पंचांग के अनुसार हैं।

आज का शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:41 से दोपहर 12:28 बजे के आसपास रहेगा। इस अवधि को परंपरागत रूप से शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि किसी विशेष पूजा, गृह प्रवेश, विवाह या अन्य मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और संबंधित अनुष्ठान के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि करना उचित रहेगा।
आज राहुकाल और अशुभ समय
शिमला के स्थानीय पंचांग के अनुसार आज राहुकाल सुबह लगभग 7:49 से 9:16 बजे तक रहेगा। यमगंड काल लगभग 10:39 से दोपहर 12:04 बजे तक और गुलिक काल लगभग दोपहर 1:29 से 2:53 बजे तक रहेगा। परंपरागत मान्यता के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्यों की शुरुआत टालने की सलाह दी जाती है। ये समय शिमला के लिए हैं; दूसरे शहरों में इनमें अंतर हो सकता है।

आज का धार्मिक महत्व
आज शारदीय नवरात्र के दौरान अष्टमी तिथि के कारण मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है। अनेक श्रद्धालु इस अवसर पर मां महागौरी की आराधना, दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्र-जप और कन्या पूजन करते हैं। अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। पूजा और कन्या पूजन का सही समय अपने स्थानीय पंचांग तथा पारिवारिक परंपरा के अनुसार निर्धारित करना चाहिए।
आज का शुभ विचार
मां दुर्गा की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, सकारात्मकता और समृद्धि बनी रहे। अपने दिन की शुरुआत श्रद्धा, संयम और अच्छे विचारों के साथ करें। जरूरतमंदों की सहायता करना और दूसरों के प्रति सद्भाव रखना भी जीवन में सकारात्मकता लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
डिस्क्लेमर
यह पंचांग वैदिक ज्योतिष एवं पारंपरिक हिंदू पंचांग की मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी है। तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त के समय स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। धार्मिक अनुष्ठान या किसी विशेष मांगलिक कार्य से पहले स्थानीय पंचांग अथवा योग्य पुरोहित से समय की पुष्टि अवश्य करें। इसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी या निश्चित परिणाम की गारंटी न माना जाए।
