आज का पंचांग, 23 अक्टूबर 2026: शुक्रवार को शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि और पूजा का महत्वआज 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर तक रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि आरंभ होगी। शुक्रवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने के कारण आज शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु सुख-समृद्धि, पारिवारिक शांति और जीवन में सकारात्मकता की कामना के साथ भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं। आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय का विशेष ध्यान रखना उपयोगी रहेगा।
1. आज का पंचांग: तिथि और वार
आज शुक्रवार है और विक्रम संवत 2083, सिद्धार्थी के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर लगभग 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है। वहीं, त्रयोदशी तिथि भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष मानी जाती है। इसलिए आज शाम को प्रदोष काल में शिव आराधना करना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ माना जाता है।
2. आज का नक्षत्र और योग
आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रात लगभग 9 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र को गंभीरता, संकल्प और आध्यात्मिक चिंतन से जोड़ा जाता है। आज ध्रुव योग रात लगभग 10 बजकर 8 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद व्याघात योग शुरू होगा। इन समयों की गणना स्थान के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
3. आज के शुभ मुहूर्त
आज दिन में अभिजीत मुहूर्त का विशेष महत्व रहेगा। शिमला, हिमाचल प्रदेश के स्थानीय पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस अवधि को पारंपरिक रूप से शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। सुबह का ब्रह्म मुहूर्त लगभग 4 बजकर 47 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। शाम को प्रदोष काल लगभग 5 बजकर 41 मिनट से 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, जिसमें भगवान शिव की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।
4. आज का राहुकाल और अशुभ समय
आज शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 7 बजकर 53 मिनट से 9 बजकर 17 मिनट तक और यमगंड काल दोपहर 2 बजकर 53 मिनट से शाम 4 बजकर 17 मिनट तक रहने का अनुमान है। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, नियमित पूजा-पाठ और दैनिक धार्मिक गतिविधियां की जा सकती हैं।
5. आज सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
शिमला के स्थानीय पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय सुबह लगभग 6 बजकर 29 मिनट पर और सूर्यास्त शाम लगभग 5 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्रोदय दोपहर लगभग 3 बजकर 50 मिनट पर तथा चंद्रास्त अगले दिन रात लगभग 3 बजकर 21 मिनट के आसपास होगा। ये समय स्थान और भौगोलिक स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं।
6. आज शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा विधि
शुक्र प्रदोष व्रत के अवसर पर श्रद्धालु शाम के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव तथा माता पार्वती का स्मरण करें। पूजा के दौरान शिवलिंग पर जल अर्पित करें और अपनी परंपरा के अनुसार बेलपत्र, पुष्प, धूप और दीप चढ़ाएं। इसके बाद भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें तथा परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें। प्रदोष काल में शिव आराधना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत एवं पूजा करें।
7. आज का धार्मिक महत्व
शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा और त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव की आराधना का संयोग आज के दिन को धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। श्रद्धालु आज जरूरतमंदों की सहायता, दान-पुण्य, मंत्र जाप और सेवा जैसे कार्य भी कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति को मानसिक शांति और सकारात्मकता प्रदान करने में सहायक मानी जाती है।
8. आज की पंचांग संबंधी जानकारी एक नजर में
* दिन: शुक्रवार
* तारीख: 23 अक्टूबर 2026
* विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी
* शक संवत: 1948, पराभव
* मास: आश्विन
* पक्ष: शुक्ल पक्ष
* द्वादशी तिथि: दोपहर लगभग 2:36 बजे तक
* त्रयोदशी तिथि: दोपहर लगभग 2:36 बजे से
* नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद रात लगभग 9:02 बजे तक, फिर उत्तराभाद्रपद
* योग: ध्रुव रात लगभग 10:08 बजे तक
* सूर्योदय: सुबह 6:29 बजे
* सूर्यास्त: शाम 5:41 बजे
* अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक
* राहुकाल: सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 बजे तक
* प्रदोष काल: शाम 5:41 से 7:11 बजे तक
* व्रत: शुक्र प्रदोष व्रत
स्रोत एवं समय संबंधी नोट: उपरोक्त मुहूर्त शिमला, हिमाचल प्रदेश के स्थानीय पंचांग पर आधारित हैं। अन्य स्थानों पर समय में अंतर हो सकता है।
डिस्क्लेमर
यह पंचांग धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त के समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। किसी विशेष व्रत, अनुष्ठान या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग अथवा योग्य पुरोहित से पुष्टि अवश्य करें।