शिमला: 26 अक्टूबर 2026, सोमवार का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि और भगवान शिव को समर्पित सोमवार का यह पावन संयोग मानसिक शांति, ध्यान और साधना के लिए विशेष फलदायी है। आज चंद्रमा ऊर्जावान मेष राशि में गोचर कर रहे हैं, जो पूरे दिन को उत्साह और नई शुरुआत के लिए प्रेरित कर रहा है। शिमला के स्थानीय समयानुसार आज सूर्योदय सुबह 6:32 बजे और सूर्यास्त शाम 5:38 बजे होगा, जबकि पूर्णिमा का भव्य चंद्रोदय शाम लगभग 5:34 बजे देखा जा सकेगा।

आज सुबह 9:43 बजे तक आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि रहेगी, जिसमें पूजा-पाठ और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। इसके उपरांत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ हो जाएगा। इसके साथ ही, आज शाम 5:42 बजे तक गति, ऊर्जा और नवजागरण के प्रतीक 'अश्विनी' नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद 'भरणी' नक्षत्र की शुरुआत होगी। अश्विनी नक्षत्र के प्रभाव काल में शुरू किए गए कार्यों में तेजी और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।

ज्योतिषीय योग और करण की बात करें, तो आज दोपहर 2:17 बजे तक 'वज्र' योग रहेगा, और उसके बाद सफलता का प्रतीक 'सिद्धि' योग आरंभ हो जाएगा। वहीं, सुबह 9:41 बजे तक 'बव' करण रहेगा, जिसके बाद रात 8:24 बजे तक 'बालव' और फिर 'कौलव' करण का प्रभाव रहेगा। यदि आप आज किसी नए कार्य, संकल्प या महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत करना चाहते हैं, तो सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक का 'अभिजीत मुहूर्त' सबसे उत्तम रहेगा। इस समय काल को किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है।

शुभ कार्यों की योजना बनाते समय दिन के कुछ विशेष प्रहरों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। आज सुबह 7:55 बजे से 9:18 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिस दौरान नए और महत्वपूर्ण मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। इसके अलावा, सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक यमगण्ड काल और दोपहर 1:28 बजे से 2:52 बजे तक गुलिक काल रहेगा। हालांकि, नियमित पूजा-पाठ, दैनिक दिनचर्या और पूर्व निर्धारित कार्यों को इन अवधियों में भी बिना किसी संकोच के जारी रखा जा सकता है।

सोमवार और पूर्णिमा के इस पावन संयोग पर भगवान शिव की आराधना का विशेष लाभ प्राप्त होता है। आज शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करें और मानसिक एकाग्रता के लिए 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। पूर्णिमा के अवसर पर शाम के समय चंद्र दर्शन करना और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन या आवश्यक सामग्री का दान करना जीवन में सकारात्मकता, धैर्य और सुख-समृद्धि लाएगा।
