हमास-हिज्बुल्लाह युद्ध और ईरान से जारी भारी तनाव के बीच इजरायल में नई सरकार के लिए वोटिंग शुरू: दांव पर लगी प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सत्ता और साख, नतीजों पर टिकी दुनिया की नजरें - पढ़ें पूरी खबर..
इजरायल में नई सरकार और नेतृत्व चुनने के लिए मतदान की प्रक्रिया आज सुबह से ही जारी है। साल 2023 में हुए हमास के बड़े हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान व ईरान के साथ लगातार चल रहे युद्ध की पृष्ठभूमि में हो रहा यह चुनाव इजरायल के इतिहास के सबसे अहम चुनावों में गिना जा रहा है।

इस चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सत्ताधारी लिकुड पार्टी की साख पूरी तरह से दांव पर लगी है। विपक्षी दल नेतन्याहू पर युद्ध के कुप्रबंधन, बंधकों को छुड़ाने में विफलता और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिससे यह चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है।

इजरायली मतदाताओं के लिए इस बार राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध प्रभावित अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना और हमास की कैद में बचे बंधकों की सुरक्षित वापसी सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी इस चुनाव पर गहरी नजर है, क्योंकि इजरायल की नई लीडरशिप ही मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांति या युद्ध के भविष्य का फैसला करेगी।
