आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। दिन की शुरुआत विघ्नहर्ता भगवान गणेश के स्मरण और शुभ संकल्पों के साथ करें। किसी भी नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ या यात्रा से पहले आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति जानना आपके लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा।
तिथि और संवत
विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 के अंतर्गत आज कार्तिक मास (पूर्णिमांत) के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो देर रात 1:06 बजे (29 अक्टूबर) तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ होगी। बुधवार का दिन भगवान श्री गणेश की आराधना और शुभ कार्यों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना गया है।

नक्षत्र और योग
दोपहर 1:26 बजे तक ऊर्जा और दृढ़ संकल्प का प्रतीक 'कृत्तिका नक्षत्र' रहेगा, जिसके बाद सुख-समृद्धि प्रदाता 'रोहिणी नक्षत्र' का आरंभ होगा। सुबह 7:18 बजे तक 'व्यतीपात योग' है और उसके बाद 'वरीयान योग' लगेगा जो अगले दिन तड़के तक प्रभावी रहेगा।
करण और भद्रा का समय
दोपहर 2:37 बजे तक 'वणिज करण' रहेगा। इसके तुरंत बाद 'विष्टि करण' यानी भद्रा का समय शुरू हो जाएगा। इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्य की रूपरेखा दोपहर 2:37 बजे से पूर्व तय करना श्रेयस्कर रहेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
मानक पंचांग (दिल्ली) के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 6:33 बजे और सूर्यास्त शाम 5:47 बजे होगा। चंद्रोदय का समय शाम 7:31 बजे रहेगा। (हिमाचल प्रदेश या अन्य भौगोलिक स्थानों के अनुसार इस समय में कुछ मिनटों का आंशिक अंतर हो सकता है)।
शुभ मुहूर्त
दिन की सबसे पवित्र और सकारात्मक शुरुआत 'ब्रह्म मुहूर्त' में सुबह 4:58 से 5:46 बजे के बीच की जा सकती है। बुधवार होने के कारण आज पंचांग में अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं है, इसलिए नए काम की शुरुआत के लिए चौघड़िया या स्थानीय पंचांग का अवलोकन करें।

राहुकाल एवं अशुभ समय (सावधानी)
आज दोपहर 12:10 बजे से 1:34 बजे तक 'राहुकाल' रहेगा। इस अवधि में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचें। इसके अलावा सुबह 7:58 से 9:22 बजे तक यमगंड और सुबह 10:46 से दोपहर 12:10 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
आज की विशेष पूजा और उपाय
बुधवार के दिन प्रथम पूज्य श्री गणेश की उपासना से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं। प्रातः स्नान के पश्चात भगवान गणेश को दूर्वा (दूब) अर्पित करें, शुद्ध घी का दीपक जलाएं और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को हरी वस्तुओं या अन्न का दान करने से कार्यसिद्धि और परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
(नोट: यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। आपके स्थानीय सूर्योदय व परंपराओं के अनुसार समय में मामूली भिन्नता हो सकती है।)
