बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवात 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के 13 जिलों और यानम में भारी बारिश और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का रेड अलर्ट जारी कर दिया है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ समंदर की लहरें बेहद डरावना रूप ले चुकी हैं, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र से दूर रहने और निचले इलाकों को खाली करने की सख्त हिदायत दी है।
आपदा प्रबंधन की टीमें और एनडीआरएफ (NDRF) को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। भारतीय वायुसेना ने भी राहत और बचाव कार्य का मोर्चा संभालते हुए विजयवाड़ा में 23 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए अपने सी-130जे (C-130J) हरक्यूलिस विमानों को तैनात कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू खुद ग्राउंड जीरो से हालात की निगरानी कर रहे हैं; हालांकि, तमाम सावधानियों के बावजूद इस प्राकृतिक आपदा के चलते अब तक पांच लोगों की मौत की दर्दनाक पुष्टि हो चुकी है।
इस जानलेवा चक्रवात का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश तक इसके व्यापक प्रभाव की आशंका जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी इस मौसमी बदलाव के चलते 31 अक्टूबर तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। जिस खूंखार रफ्तार से 'अर्नब' तटीय इलाकों में अपनी जड़ें जमा रहा है, उसने सरकारी महकमों की रातों की नींद उड़ा दी है और अब सबसे बड़ी चुनौती नुकसान के आंकड़े को कम से कम रखने की है।