देश के दक्षिणी तटीय राज्यों में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। बंगाल की खाड़ी से उठा गंभीर चक्रवाती तूफान 'अरब' बीती रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराया, जिसके चलते तटीय इलाकों में भारी तबाही देखने को मिली है। इस चक्रवात के कारण हुई विभिन्न दुर्घटनाओं जैसे कि पेड़ गिरने और करंट लगने से अब तक 7 लोगों की असामयिक मौत की पुष्टि हो चुकी है।
तूफान के टकराने के समय हवा की रफ्तार बेहद तेज थी, जिससे कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं और बिजली के खंभे तथा पेड़ उखाड़कर सड़कों पर गिर पड़े। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन बल (NDRF) की टीमों को तुरंत प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य में तैनात कर दिया गया है ताकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश और उससे सटे तटीय जिलों में अगले तीन दिनों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। सरकार ने मछुआरों को पूरी तरह से समुद्र में न जाने की सलाह दी है और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है।
इस प्राकृतिक आपदा के चलते कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, क्योंकि खेतों में तैयार खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन करने के आदेश दे दिए हैं ताकि जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जा सके।