देश के कई प्रमुख राज्यों और महानगरों में बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) तथा मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडराने लगा है। पिछले कुछ दिनों से हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच जाने के कारण लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

इस मौसमी परिवर्तन और जहरीली हवा के प्रभाव से सरकारी तथा निजी अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। खासकर दमा (Asthma), ब्रोंकाइटिस और पुरानी श्वास संबंधी बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों तथा छोटे बच्चों को डॉक्टर विशेष सावधानी बरतने और घरों से बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं।

चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर होने के कारण वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम और फ्लू के मामलों में भी अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। अस्पतालों के बाल रोग और पल्मोनोलॉजी विभागों में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा संस्थानों को आवश्यक दवाइयां और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुबह और शाम के समय जब प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है, तब बाहर सैर करने या भारी कसरत करने से बचें। इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी और तरल पदार्थों का सेवन करने तथा खान-पान में पौष्टिक आहार को शामिल करने से इस स्वास्थ्य जोखिम से काफी हद तक बचा जा सकता है।