नई दिल्ली: सर्दियों की दस्तक के साथ ही राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर (NCR) क्षेत्रों में वायु प्रदूषण एक बार फिर से खतरनाक स्तर की ओर बढ़ने लगा है। हवा की बिगड़ती गुणवत्ता और 'स्मॉग' के खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने आज से कड़े प्रतिबंध (GRAP के सख्त नियम) लागू कर दिए हैं। इन नए दिशानिर्देशों के तहत राजधानी में धूल और धुएं के स्रोतों को रोकने के लिए निर्माण कार्यों से लेकर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों तक पर सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं।
प्रदूषण नियंत्रण के इस विशेष अभियान के तहत दिल्ली की सीमा में बाहर से आने वाले गैर-बीएस VI (Non-BS VI) मानक वाले डीजल और पेट्रोल वाहनों के प्रवेश पर आगामी 31 जनवरी तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। दिल्ली के सभी प्रमुख बॉर्डरों पर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं, जो पुरानी गाड़ियों की सघन जांच कर रही हैं। नियम का उल्लंघन करते हुए पाए जाने वाले वाहनों पर 20, 000 रुपये तक के भारी जुर्माने के साथ-साथ वाहन जब्त करने की कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।
वाहनों के धुएं के अलावा राजधानी में धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रकार के निजी निर्माण और तोड़फोड़ (Construction and Demolition) कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट, अस्पताल और स्वच्छता से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की सरकारी परियोजनाओं को सख्त शर्तों के साथ इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा, लोगों को निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से दिल्ली में पार्किंग शुल्क को भी दोगुना कर दिया गया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में यदि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार नहीं होता है, तो प्रतिबंधों को और भी कड़ा किया जा सकता है। सड़कों पर जमी धूल को हटाने के लिए एमसीडी (MCD) की मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और एंटी-स्मॉग गन से पानी के छिड़काव की संख्या बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलते वक्त विशेष सावधानी बरतने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है।