प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 2 नवंबर को 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026' (Bharat Renewable Energy Summit & Expo 2026) का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इस तीन दिवसीय भव्य शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत को स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करना तथा वर्ष 2030 तक के महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की समीक्षा करना है। आज सुबह से ही देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति, ऊर्जा विशेषज्ञ और नीति-निर्माता इस महाकुंभ में शामिल होने के लिए एकत्रित हो चुके हैं।
इस समिट में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी स्टोरेज तकनीक से जुड़ी अत्याधुनिक प्रदर्शनियां लगाई गई हैं, जहां भारतीय स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने नए इनोवेशन प्रस्तुत करेंगी। केंद्र सरकार इस मंच के माध्यम से हरित ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विदेशी और घरेलू निवेश आकर्षित करने की तैयारी में है। उम्मीद जताई जा रही है कि सम्मेलन के पहले ही दिन विभिन्न राज्यों और निजी कंपनियों के बीच हजारों करोड़ रुपये के सहमति पत्रों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री अपने उद्घाटन संबोधन में भारत के 'नेट-जीरो' उत्सर्जन के संकल्प और आम नागरिकों के लिए सस्ती व सुलभ बिजली उपलब्ध कराने की योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे। इसके साथ ही, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और कृषि क्षेत्र में सोलर पंपों के विस्तार जैसी जमीनी पहलों की प्रगति रिपोर्ट भी साझा की जाएगी। ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह एक्सपो स्वदेशी विनिर्माण (Make in India) को बढ़ावा देने और सोलर पैनल व टरबाइन के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में कई मित्र देशों के ऊर्जा मंत्री और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समिट से न केवल देश के हरित बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी, बल्कि आगामी वर्षों में युवाओं के लिए ग्रीन जॉब्स (हरित रोजगार) के लाखों नए अवसर भी सृजित होंगे।