अमेरिका के स्थानीय चुनावों में भारतीय मूल की नित्या रामन ने एक नया इतिहास रच दिया है। केरल के त्रिशूर में जन्मीं नित्या रामन अमेरिका के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले शहर लॉस एंजिल्स (Los Angeles) की नई मेयर चुनी गई हैं। वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई और भारतीय मूल की महिला बन गई हैं।
इस हाई-प्रोफाइल चुनाव में नित्या रामन ने मौजूदा मेयर करेन बास (Karen Bass) को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी। चुनाव परिणामों में रामन को 52.1 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जिसके बाद मेयर करेन बास ने अपनी हार स्वीकार करते हुए उन्हें फोन कर जीत की बधाई दी और सत्ता के सुगम हस्तांतरण का भरोसा दिलाया। दिलचस्प बात यह है कि कभी करेन बास की सहयोगी रहीं रामन ने नामांकन के आखिरी दिन चुनाव लड़ने का फैसला कर अमेरिकी राजनीतिक गलियारों को चौंका दिया था।

किरायेदारों के अधिकारों और शहरी सुधारों की प्रबल समर्थक मानी जाने वाली नित्या रामन ने अपने चुनाव प्रचार में महंगे होते आवास (Housing Affordability), बेघर लोगों की बढ़ती समस्या (Homelessness) और पुलिस विभाग में सुधारों को मुख्य मुद्दा बनाया था। इसके अलावा उन्होंने सड़क के गड्ढों और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त करने का वादा कर आम मतदाताओं का दिल जीता।
मेयर के रूप में नित्या रामन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पैलिसेड्स अग्निकांड (Palisades Fire) के बाद शहर के पुनर्निर्माण और संघीय सहायता राशि को सही ढंग से प्रभावितों तक पहुंचाने की होगी, जिसमें हजारों इमारतें जलकर खाक हो गई थीं। साथ ही शहर में खुले आसमान के नीचे रह रहे 45, 000 से अधिक बेघर लोगों के पुनर्वास की जिम्मेदारी भी अब उनके कंधों पर होगी।