वैश्विक स्तर पर चल रहे सैन्य संघर्षों में इस सप्ताहांत एक बार फिर भीषण तेजी देखने को मिली है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने जानकारी दी कि रूस ने रात भर चले एक बड़े हमले में यूक्रेन पर 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ज़ेलेंस्की के अनुसार, इन सभी बैलिस्टिक मिसाइलों का मुख्य निशाना राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाके थे। इस भीषण हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है और एक बच्चे समेत आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि कई बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है।
दूसरी ओर, मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) में भी स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान द्वारा उन्नत हथियारों के जमीनी परिवहन को रोकने और उसके सैन्य सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक नई विशेष 'टास्क फोर्स' के गठन की घोषणा की है। वहीं, यमन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज के अल-वजियाह जिले में एक बाजार पर हुए हवाई हमलों में 25 लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए हैं, जिसकी पुष्टि हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने की है।
मध्य-पूर्व की राजनीति में इजरायल के 2026 के आम चुनावों ने भी नया पेंच फंसा दिया है। 120 सीटों वाली इजरायली संसद (नेसेट) में किसी भी गठबंधन को बहुमत के लिए आवश्यक 61 सीटें नहीं मिल पाई हैं, जिससे त्रिशंकु संसद की स्थिति बन गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गुट को 53 सीटें मिली हैं, जबकि गादी आइजेंकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने 48 सीटें हासिल की हैं। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग अब नई सरकार के गठन की संभावनाओं को तलाशने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं के साथ गहन विचार-विमर्श कर रहे हैं।
भारत के पड़ोसी क्षेत्रों में भी सुरक्षा को लेकर हलचल तेज है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा जिले में पाकिस्तानी सेना के सैन्य अभियान के चलते लगभग 300 मशवानी आदिवासी परिवारों को बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच अपने पुश्तैनी घर छोड़कर पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है। वहीं, बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के टेकनाफ में मानव तस्करी गिरोह के साथ हुई मुठभेड़ में बांग्लादेश सेना के एक जवान की मृत्यु हो गई, हालांकि संयुक्त बलों ने कार्रवाई करते हुए 57 बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया और पांच तस्करों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया है।