नमस्कार ! हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, नई यात्रा या महत्वपूर्ण लेन-देन से पहले पंचांग का अवलोकन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। पंचांग हमें दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्तों का सटीक ज्ञान देता है, जिससे हमारे कार्यों में कोई विघ्न न आए और सफलता सुनिश्चित हो सके। आइए, मंगलवार, 04 अगस्त 2026 के दैनिक पंचांग के माध्यम से जानते हैं आज की तिथि, योग, नक्षत्र, राहुकाल, शुभ मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त) और दिशा शूल की स्थिति, ताकि आप अपने दिन की योजना सही और शुभ समय के अनुसार बना सकें...

आज का पंचांग: 04 अगस्त 2026, मंगलवार - हिंदू धर्म में किसी भी नए और मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग का अवलोकन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—से मिलकर बनता है, जो समय की शुभता और अशुभता का सटीक ज्ञान देते हैं। आज 04 अगस्त 2026, दिन मंगलवार है। सनातन धर्म में मंगलवार का दिन शक्ति, साहस और ऊर्जा के प्रतीक संकटमोचन हनुमान जी और मंगल देव को समर्पित है। आज के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना और लाल रंग के वस्त्र धारण करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति
दिन की शुरुआत सूर्य देव के दर्शन और वंदन के साथ होती है। आज शिमला और उत्तर भारत के स्थानीय समयानुसार सूर्योदय प्रातः लगभग 05:40 बजे पर, जबकि सूर्यास्त शाम को लगभग 07:15 बजे के आसपास होगा। चंद्रमा अपनी निर्धारित राशि में गोचर करेगा, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ेगा। दिनभर चंद्र देव की स्थिति आपके मानसिक सुख और शांति का निर्धारण करेगी। (ध्यान दें: भौगोलिक स्थिति के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है।)
आज का शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
सनातन मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में किया गया कोई भी कार्य बिना किसी विघ्न के सफल होता है। आज दिन का सबसे शुभ समय 'अभिजीत मुहूर्त' दोपहर लगभग 12:00 बजे से शुरू होकर 12:54 बजे तक रहेगा। यह समय किसी भी नए व्यापार, लेन-देन या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इसके अलावा दोपहर में 'विजय मुहूर्त' और शाम के समय 'गोधूलि बेला' भी मांगलिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी रहेंगे।

आज का अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष समय को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है, जिनमें राहुकाल प्रमुख है। मंगलवार के दिन राहुकाल सामान्यतः दोपहर 03:00 बजे से लेकर शाम 04:30 बजे तक रहता है। इस समयावधि में किसी भी नई यात्रा, बड़े निवेश या महत्वपूर्ण अनुष्ठान की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही, दिन के यमगंड (प्रातः 09:00 से 10:30 बजे) और गुलिक काल (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे) में भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
दिशा शूल और यात्रा विचार
यात्रा की सफलता के लिए पंचांग में दिशा शूल का विशेष महत्व है। मंगलवार के दिन 'उत्तर दिशा' में दिशा शूल होता है। इसका अर्थ है कि आज के दिन उत्तर दिशा की ओर लंबी या महत्वपूर्ण यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कार्य में बाधाएं आने की संभावना रहती है। यदि आज उत्तर दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलते समय थोड़ा सा गुड़ खाकर निकलना शुभ माना जाता है, इससे दिशा शूल का नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है।

डिस्क्लेमर: यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और मानक समय पर आधारित है। स्थान (अक्षांश और देशांतर) के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्तों के समय में कुछ मिनटों का आंशिक बदलाव संभव है।