हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के दाड़लाघाट क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। ग्राम पंचायत ग्याणा में एक तेंदुए ने अपनी क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए 50 वर्षीय हीरा सिंह ठाकुर को अपना निवाला बना लिया। सबसे ज्यादा खौफजदा करने वाली बात यह है कि इस खूंखार जानवर ने यह जानलेवा हमला किसी खुले जंगल में नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में मृतक की अपनी वेल्डिंग की दुकान के अंदर घुसकर किया। इस खूनी वारदात ने यह साबित कर दिया है कि अब इंसान अपनी चारदीवारी के भीतर भी महफूज नहीं है। एक तरफ जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहशत के गहरे साए में धकेल दिया है। पढ़ें विस्तार से..
सोलन/दाड़लाघाट: (HD News); हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के दाड़लाघाट क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां की ग्राम पंचायत ग्याणा में एक तेंदुए ने अपनी क्रूरता का खौफनाक खेल खेलते हुए 50 वर्षीय एक व्यक्ति को अपना निवाला बना लिया। सबसे हैरान और खौफजदा करने वाली बात यह है कि इस खूंखार जंगली जानवर ने यह जानलेवा हमला खुले जंगल या खेत में नहीं, बल्कि मृतक की अपनी वेल्डिंग की दुकान के अंदर घुसकर किया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है और इलाके में दहशत का ऐसा साया पसरा है कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।

पंचायत प्रधान संतोष से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान ग्याणा गांव निवासी 50 वर्षीय हीरा सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। हीरा सिंह अपने घर के बिल्कुल समीप ही वेल्डिंग की दुकान चलाते थे और उसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात करीब नौ बजे तक वह अपनी दुकान में काम कर रहे थे। उसी दौरान उनकी बेटी उन्हें रात का खाना खाने के लिए बुलाने आई। हीरा सिंह ने अपनी बेटी को यह कहकर वापस घर भेज दिया कि वह बस थोड़ी ही देर में काम खत्म करके आ रहे हैं। नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था, क्योंकि यह उनकी अपने परिवार से आखिरी बातचीत साबित हुई।
बेटी के लौटने के बाद, घरवाले काफी देर तक हीरा सिंह का इंतजार करते रहे। रात गहराती गई और थक-हारकर परिवार के सदस्य सो गए। अगली सुबह जब परिवार के लोग उठे, तो हीरा सिंह न तो घर के अंदर मिले और न ही बाहर बरामदे में नजर आए। किसी अनहोनी की आशंका के चलते उनकी पत्नी रीता उन्हें ढूंढते हुए दुकान की तरफ गईं। जब उन्होंने दुकान के अंदर का नजारा देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और चीख निकल गई। दुकान के भीतर उनके पति हीरा सिंह का खून से लथपथ और बेजान शव पड़ा हुआ था।

घटनास्थल के खौफनाक हालात इस बात की गवाही दे रहे थे कि रात के घुप अंधेरे में तेंदुआ बेहद खामोशी से दुकान के अंदर दाखिल हुआ और उसने सीधे हीरा सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। तेंदुए ने पूरी आक्रामकता के साथ हीरा सिंह की गर्दन को अपने जबड़े में जकड़ लिया, जिसके गहरे निशान उनके शरीर पर स्पष्ट नजर आ रहे थे। इसके अलावा, मृतक की आंख पर भी तेंदुए के तेज नाखूनों के खौफनाक जख्म पाए गए। अपनी जान बचाने के लिए हीरा सिंह ने तेंदुए से भारी संघर्ष किया होगा, क्योंकि उनके शरीर और घावों में लोहे के कई कण धंसे हुए मिले। इसी जानलेवा जद्दोजहद के बीच दुकान की लाइट भी बुझ गई थी, जिसके कारण बाहर किसी को भी इस खूनी खेल की भनक तक नहीं लगी।
सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। सूचना पाते ही डीएसपी दाड़लाघाट नवीन झाल्टा के नेतृत्व में पुलिस टीम और वन विभाग के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। शुरुआती कार्रवाई के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अर्की ले जाया गया। हालांकि, घावों में लोहे के कण फंसे होने और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, डॉक्टरों ने गहन जांच के लिए शव को आईजीएमसी (IGMC) शिमला रेफर कर दिया। वहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है।

इस हृदयविदारक घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। वन विभाग के रेंज अधिकारी (RO) सुदर्शन सिंह ने बताया कि इस खूंखार तेंदुए को जल्द से जल्द कैद करने के लिए घटनास्थल के आसपास पिंजरा लगा दिया गया है। विभाग की टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं और तेंदुए की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसके बावजूद, ग्याणा और आसपास के गांवों में खौफ इतना गहरा गया है कि ग्रामीणों ने शाम ढलते ही खुद को घरों में कैद करना शुरू कर दिया है। लोग अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस आदमखोर हो चुके जानवर को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि वे फिर से सुरक्षित महसूस कर सकें।