शिमला के ठियोग उपमंडल में सरेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने वाले आठ आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। गजेड़ी बाईपास पर 4 अक्टूबर को हुए इस खूनी खेल को अंजाम देने वाले सभी आरोपी नेपाली मूल के हैं। वारदात के बाद गंभीर रूप से घायल पीड़ित को आईजीएमसी शिमला में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत शिकंजा कसकर साफ कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर दहशत और हुड़दंग फैलाने वालों की असली जगह सिर्फ जेल है।
ठियोग में गुंडागर्दी का खौफनाक अंत: खूनी खेल खेलने वाले नेपाली मूल के 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
शिमला जिले का ठियोग उपमंडल 4 अक्टूबर को जिस हिंसक वारदात से दहल उठा था, उस पर पुलिस ने करारा प्रहार किया है। गजेड़ी बाईपास पर सरेआम एक व्यक्ति को लहूलुहान करने वाले आठ आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। खाकी के हत्थे चढ़े ये सभी आरोपी नेपाली मूल के हैं, जिन्होंने सरेराह कानून-व्यवस्था को ठेंगे पर रखने की हिमाकत की थी।

लहूलुहान कर दिया था सरेआम
गजेड़ी बाईपास पर दबंगई दिखाते हुए इन आरोपियों ने एक शख्स पर जानलेवा हमला कर दिया था। वारदात इतनी खौफनाक थी कि गंभीर रूप से घायल पीड़ित को तुरंत आईजीएमसी (IGMC) शिमला पहुंचाना पड़ा। घटना के चश्मदीदों की गवाही दर्ज होते ही ठियोग थाना पुलिस एक्शन मोड में आ गई और आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें जाल बिछाकर मैदान में उतर गईं।
सलाखों के पीछे पहुंचे ये 8 चेहरे
जांच की आंच जैसे ही तेज हुई, वारदात को अंजाम देने वाले आठों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तार हुए चेहरों में राम बहादुर कंवर (26), निर्मल (25), अनिल कुमार (22), गोविन्दा उर्फ दीपेश (20), गणेश (34), सेती राम (23), प्रकाश (19) और सुरेन्द्र उर्फ सरोज (27) शामिल हैं। ये सभी नेपाल के सल्यान जिले के रहने वाले हैं।

भारतीय न्याय संहिता के तहत कसा शिकंजा
इन हुड़दंगियों पर पुलिस ने नया कानून लागू करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं— 115(2), 190, 191(2), 191(3) और 351(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मंगलवार को इन सभी को न्यायालय के समक्ष पेश करेगी, जहां से इनकी अगली जगह तय होगी।
हुड़दंगियों को पुलिस की दो टूक
ठियोग पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए अपराधियों को एक कड़ा और साफ संदेश दे दिया है— सार्वजनिक स्थानों पर दबंगई, मारपीट या हुड़दंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों का सीधा अंजाम अब सिर्फ सलाखें होंगी।