आज की 5 सबसे बड़ी और अहम खबरों में आपका स्वागत है। आज का दिन देश में सियासी संग्राम, बड़े प्रशासनिक फैसलों और मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव के नाम रहा। एक तरफ जहाँ चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष लामबंद होकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, वहीं राष्ट्रपति ने 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति कर बड़ा फेरबदल किया है। इसके साथ ही, राजधानी के ऐतिहासिक 'जंतर-मंतर' पर अब प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है। आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने अस्पतालों की मनमानी फीस पर भी कड़ा प्रहार किया है, जबकि दूसरी ओर 'सुपर अल नीनो' के चलते हो रही बेमौसम बारिश ने देशभर में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आइए, इन सभी प्रमुख खबरों पर विस्तार से नज़र डालते हैं..."
1. चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट मार्च, दिल्ली में सुरक्षा सख्त
'वोट चोरी' और SIR डेटा में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत 'INDIA' गठबंधन के 11 प्रमुख नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकाला है। विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस मुद्दे पर मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन CJI ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है। इस भारी प्रदर्शन को देखते हुए चिल्ला बॉर्डर समेत दिल्ली-नोएडा की सीमाओं पर दिल्ली पुलिस के साथ-साथ BSF के जवानों को तैनात किया गया है और वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।
2. देश के 6 राज्यों में बदले गए राज्यपाल, राष्ट्रपति ने जारी किए आदेश
केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए देश के 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इस नई सूची में चार नई नियुक्तियां शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम की कमान सौंपी गई है। तमिलनाडु से लेकर ओडिशा तक के राजभवनों में यह अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य राज्यों में प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाना माना जा रहा है।
3. जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे विरोध-प्रदर्शन, सरकार ने तय किए 3 नए स्थान
देश की राजधानी दिल्ली में लंबे समय से आंदोलनों का केंद्र रहे ऐतिहासिक 'जंतर-मंतर' पर अब बड़े विरोध-प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों के लिए दिल्ली में 3 नई जगहें निर्धारित की हैं। इतिहास में बोट क्लब के बाद जंतर-मंतर आंदोलनकारियों की सबसे बड़ी जगह बनकर उभरा था। इस फैसले से जंतर-मंतर के आसपास के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है और सरकार को धन्यवाद दिया है, हालांकि कुछ संगठनों ने नए धरना स्थलों को लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई है।
4. अस्पतालों की मनमानी फीस पर लगेगी लगाम, स्थानीय भाषा में लगानी होगी रेट लिस्ट
मरीजों से इलाज के नाम पर मनमाना पैसा वसूलने वाले अस्पतालों और क्लीनिकों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि हर चिकित्सा संस्थान और अस्पताल अपनी सेवाओं और सुविधाओं की रेट लिस्ट (मूल्य सूची) प्रमुखता से प्रदर्शित करे। सबसे अहम बात यह है कि यह रेट लिस्ट अंग्रेजी के साथ-साथ वहां की 'स्थानीय भाषा' में भी लिखी होनी चाहिए, ताकि आम मरीजों को इलाज का खर्च पहले से पता हो और वे औने-पौने बिलों की ठगी से बच सकें।
5. मानसून की विदाई के बाद भी बेमौसम बारिश जारी, 'सुपर अल नीनो' ने बढ़ाई चिंता
देशभर से मानसून की आधिकारिक विदाई के बावजूद कई राज्यों में लगातार बादल बरस रहे हैं, जिसने मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु में यह अचानक हुआ बदलाव 'सुपर अल नीनो' (Super El Nino) के प्रभाव के कारण हो रहा है, जिसने मौसम चक्र को पूरी तरह बेपटरी कर दिया है। इस बेमौसम बारिश से न केवल आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि खेतों में खड़ी और कटने को तैयार फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।