चीन के प्रमुख शेयर इंडेक्स सीएसआई 300 में 30 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में लगातार 12वीं साप्ताहिक गिरावट रही है। साल 2005 में इंडेक्स शुरू होने के बाद यह सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला है। मई 2026 के शिखर से चीन के शेयर बाजार की कुल वैल्यू करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹329 लाख करोड़) घट गई है। सीएनबीसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, कमजोर घरेलू डिमांड से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव, प्रॉपर्टी बाजार की सुस्ती और एआई शेयरों में भारी बिकवाली ने निवेशकों के भरोसे को बुरी तरह हिला दिया है।
China Stock Market Crash: चीन के शेयर बाजार में 2005 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट, 329 लाख करोड़ डूबे, 3 कारण जान लीजिए
चीन के प्रमुख शेयर इंडेक्स सीएसआई 300 में 30 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में लगातार 12वीं साप्ताहिक गिरावट रही है। साल 2005 में इंडेक्स शुरू होने के बाद यह सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला है। मई 2026 के शिखर से चीन के शेयर बाजार की कुल वैल्यू करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹329 लाख करोड़) घट गई है।
ग्लोबल मार्केट के साथ-साथ चीन के शेयर बाजार में भी गिरावट थम नहीं रही है। शंघाई और शेनझेन एक्सचेंज में लिस्टेड 300 बड़ी कंपनियों के शेयरों का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स 'सीएसआई 300' जून के शिखर से 20% से ज्यादा नीचे आ चुका है। शेयर बाजार में आम तौर पर हाल के शिखर से 20% की गिरावट को 'बेयर मार्केट' (मंदी वाला बाजार) कहा जाता है।
चीन का शेयर बाजार गिरने के 3 मुख्य कारण:
1. कमजोर घरेलू मांग और घटता मुनाफा
चीन का प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट कुछ सेक्टर्स में बेहद मजबूत है, लेकिन देश के भीतर लोगों को महंगाई चोट पहुंचा रही है और उन्होंने खर्च करना कम कर दिया है। निवेशकों को चिंता है कि कमजोर डिमांड के बीच कंपनियों के लिए सेल्स और मुनाफा बढ़ाना मुश्किल है। तगड़े कॉम्पिटिशन और बाजार हिस्सेदारी बचाने के लिए कंपनियों को कीमतें घटानी पड़ रही हैं। इसका असर बैंकिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल और टेक्नोलॉजी सेक्टर्स पर पड़ रहा है। तीसरी तिमाही में कंपनियों की आमदनी बाजार के अनुमान से करीब 9% कम रही है।
2. एआई और टेक शेयरों में भारी बिकवाली
चीन के टेक और एआई शेयरों ने निवेशकों की कमर तोड़ दी है। निवेशक यह परख रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर कंपनियों का भारी खर्च भविष्य में पर्याप्त कमाई देगा या नहीं। जब कमाई की संभावना साफ नहीं दिखी, तो निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। टेक्नोलॉजी शेयरों वाले 'स्टार 50 इंडेक्स' में भारी गिरावट आई है और एआई हार्डवेयर तथा सेमीकंडक्टर कंपनियां दबाव में हैं।
3. प्रॉपर्टी बाजार की सुस्ती और नाकाफी सरकारी मदद
चीन का प्रॉपर्टी बाजार लंबे समय से सुस्ती से गुजर रहा है। रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार में कमजोरी लोगों के भरोसे और खर्च पर असर डाल रही है। बीजिंग ने बाजार को सहारा देने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन निवेशकों को एक बड़े राहत पैकेज की उम्मीद थी जो अभी तक नहीं मिला है। चीन की अर्थव्यवस्था तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 4.5% बढ़ी, लेकिन इस ग्रोथ से शेयर बाजार का भरोसा नहीं लौट सका।
इन्हीं टेंशन ने डुबोए 329 लाख करोड़ रुपये
ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, शेयर बाजार की कुल वैल्यू मई के शिखर से करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर कम हुई है (करीब ₹329 लाख करोड़)। हालांकि, इस टेंशन भरे माहौल में भारत की मजबूत आर्थिक ग्रोथ विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और अन्य निवेशकों को भारत में पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।