चमत्कार युवक मंडल बुइला द्वारा आयोजित 'बाड़ीधार कप सीजन-1' के दूसरे दिन समाजसेवी जगदीश ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का कड़ा संदेश दिया और प्रदेशव्यापी "नशा छोड़ो, खेलों को बढ़ावा दो" मुहिम की सराहना करते हुए आयोजन समिति को प्रोत्साहन राशि भेंट की। पढ़ें पूरी खबर
अर्की/बाड़ीधार (बुइला) : चमत्कार युवक मंडल बुइला के तत्वावधान में आयोजित बहुचर्चित 'बाड़ीधार कप सीजन-1' (क्रिकेट टूर्नामेंट) के दूसरे दिन भी खेल का रोमांच अपने चरम पर रहा। चौकों-छक्कों की बरसात और दर्शकों के उत्साह के बीच प्रतियोगिता के दूसरे दिन प्रमुख समाजसेवी जगदीश ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। आयोजन समिति और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं के साथ मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया।

खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के बाद जगदीश ठाकुर ने चमत्कार युवक मंडल बुइला के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने कम समय के भीतर लगातार दूसरा भव्य टूर्नामेंट आयोजित करना कोई सामान्य बात नहीं है। यह आयोजकों की कड़ी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है।"
"नशा छोड़ो, खेलों को बढ़ावा दो" मुहिम पर जोर
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने हिमाचल प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की और खेलों को इसका सबसे सटीक इलाज बताया। उन्होंने प्रदेशव्यापी "नशा छोड़ो, खेलों को बढ़ावा दो" अभियान का विशेष तौर पर जिक्र करते हुए कहा, "चमत्कार युवक मंडल जैसे संगठन इस राज्यव्यापी मुहिम को धरातल पर उतारने का काम कर रहे हैं। खेल का मैदान युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देता है और उन्हें नशे जैसी जानलेवा बुराइयों से कोसों दूर रखता है। यह केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायक कदम है।"

आयोजन समिति को दी ₹3, 100 की प्रोत्साहन राशि
इस शानदार पहल को अपना समर्थन देते हुए और युवाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए, समाजसेवी जगदीश ठाकुर ने अपनी ओर से चमत्कार युवक मंडल को ₹3, 100 की नकद सहायता राशि भेंट की। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र के विकास और युवाओं के उत्थान से जुड़े ऐसे किसी भी कार्य में उनका सहयोग हमेशा बना रहेगा।
वहीं आयोजन समिति ने बताया कि इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को एक उचित मंच प्रदान करना और क्षेत्र में आपसी भाईचारे व खेल भावना (Sportsmanship) को बढ़ावा देना है। आने वाले दिनों में इस टूर्नामेंट में और भी कई कड़े और रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे, जिसके लिए सभी टीमें मैदान पर जमकर पसीना बहा रही हैं।
