हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के शत-प्रतिशत (100%) दिव्यांगजनों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए उनके मासिक भत्ते में भारी बढ़ोतरी की है। प्रदेश में अब 100 प्रतिशत दिव्यांगों को 1700 रुपये के बजाय 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे राज्य के हजारों दिव्यांगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और उनकी रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी।

6 हजार से अधिक दिव्यांगों को मिलेगा सीधा लाभ
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक अहम कदम उठाया है। मंत्रिमंडल की हालिया बैठक में लगी मुहर के बाद, 100 प्रतिशत दिव्यांगों को मिलने वाले राहत भत्ते को 1700 रुपये से बढ़ाकर सीधा 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। बढ़ी हुई पेंशन की ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश भर में लागू हो जाएंगी। सरकार के इस कल्याणकारी फैसले से राज्य के छह हजार से अधिक 100% दिव्यांगजनों को सीधा वित्तीय लाभ पहुंचेगा, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा।

नियमों में हुआ संशोधन, 70 से 99% वालों की पेंशन यथावत
इस बहुप्रतीक्षित फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार ने 'सामाजिक सुरक्षा (पेंशन/भत्ता) नियम, 2010' में आवश्यक संशोधन किए हैं। हालांकि, अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि 70 प्रतिशत से लेकर 99 प्रतिशत तक की दिव्यांगता वाली श्रेणी के पात्र लाभार्थियों की पेंशन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस श्रेणी के दिव्यांगजनों को पूर्व की भांति 1700 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती रहेगी।

प्रशासनिक स्तर पर आदेश जारी
राहत भत्ते में इस अहम बदलाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) सी.पी. वर्मा की ओर से गुरुवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही सरकार ने सभी संबंधित जिला कल्याण अधिकारियों, प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को नई दरों को निर्धारित समय पर सुचारू रूप से लागू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।