अगर आप किसी नए कार्य, यात्रा, निवेश, पूजा-पाठ या शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो दिन की शुरुआत से पहले आज का पंचांग अवश्य जान लें। वैदिक पंचांग के अनुसार आज की तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और अन्य शुभ-अशुभ समय आपके दैनिक कार्यों और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आइए जानते हैं बुधवार, 5 अगस्त 2026 का संपूर्ण पंचांग और आज के दिन का धार्मिक महत्व।
🌞 आज का पंचांग – बुधवार, 5 अगस्त 2026
आज श्रावण मास, कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो रात्रि 8:42 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज बुधवार का दिन है, जो भगवान श्रीगणेश और भगवान बुध को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार आज बुद्धि, व्यापार, शिक्षा और शुभ कार्यों के लिए भगवान गणेश की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

तिथि और नक्षत्र
आज का प्रमुख नक्षत्र अश्विनी है, जो रात्रि 9:18 बजे तक रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र का आरंभ होगा। अश्विनी नक्षत्र को नई शुरुआत, ऊर्जा, उपचार और सकारात्मक कार्यों का प्रतीक माना जाता है। वहीं भरणी नक्षत्र धैर्य, अनुशासन और कर्मफल से जुड़ा हुआ माना जाता है।
योग और करण
आज शूल योग सायं 5:28 बजे तक रहेगा, इसके बाद गण्ड योग प्रारंभ होगा। सुबह 9:26 बजे तक विष्टि (भद्रा) करण रहेगा, इसलिए इस अवधि में मांगलिक और नए शुभ कार्यों से बचना उचित माना जाता है। इसके बाद बव करण प्रारंभ होगा, जो सामान्य कार्यों के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल माना जाता है।

शुभ मुहूर्त
आज दिन में अभिजीत मुहूर्त लगभग दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा, जिसे महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त ब्रह्म मुहूर्त में पूजा, ध्यान, जप और आध्यात्मिक साधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
राहुकाल और अशुभ समय
आज बुधवार होने के कारण राहुकाल दोपहर 12:27 बजे से 2:07 बजे तक रहेगा। इस अवधि में नए कार्य, यात्रा, निवेश या किसी महत्वपूर्ण निर्णय की शुरुआत करने से बचना चाहिए। यदि कोई कार्य अत्यंत आवश्यक हो तो भगवान श्रीगणेश का स्मरण कर शुभारंभ करना लाभदायक माना जाता है।

आज का धार्मिक महत्व
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। आज शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित कर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप करना शुभ रहेगा। साथ ही बुधवार होने के कारण भगवान श्रीगणेश को दूर्वा, मोदक या लड्डू अर्पित करने से बुद्धि, सफलता और विघ्नों से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आज का सरल उपाय
आज प्रातः स्नान के बाद भगवान गणेश और भगवान शिव की पूजा करें। गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करें तथा शिवलिंग पर जल चढ़ाकर "ॐ गं गणपतये नमः" और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप करें। ऐसा करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, मन को शांति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होने की मान्यता है।

अस्वीकरण: यह पंचांग वैदिक ज्योतिष पर आधारित पारंपरिक मान्यताओं और उपलब्ध पंचांग गणनाओं के अनुसार तैयार किया गया है। तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त एवं अन्य समय स्थान (भौगोलिक स्थिति) के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान, संस्कार या महत्वपूर्ण निर्णय के लिए अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।