आज गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। भगवान विष्णु और भगवान शिव की उपासना के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार आज भरणी नक्षत्र और गण्ड योग का प्रभाव रहेगा। यदि आप किसी शुभ कार्य, यात्रा, पूजा-पाठ या नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज का पंचांग अवश्य जान लें।

आज की तिथि
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि सायं 6:52 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण, मां दुर्गा और भगवान शिव की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है। आध्यात्मिक साधना, जप-तप और आत्मचिंतन के लिए भी यह तिथि उत्तम मानी गई है।
नक्षत्र और योग
आज भरणी नक्षत्र रात्रि लगभग 8:13 बजे तक रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र प्रारंभ होगा। भरणी नक्षत्र अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है। वहीं दोपहर तक गण्ड योग रहेगा, जिसके कारण महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। इसके बाद वृद्धि योग प्रारंभ होगा, जो उन्नति, सफलता और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। यह समय नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ, महत्वपूर्ण निर्णय और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिव और विष्णु की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
राहुकाल और अशुभ समय
आज राहुकाल दोपहर 2:07 बजे से 3:47 बजे तक रहेगा। इस अवधि में नए कार्य, निवेश, यात्रा या किसी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। यदि अत्यंत आवश्यक कार्य हो, तो भगवान गणेश का स्मरण कर शुरुआत करना शुभ माना जाता है।

आज का धार्मिक महत्व
श्रावण मास का प्रत्येक गुरुवार भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और कच्चा दूध अर्पित करें तथा "ॐ नमः शिवाय" और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आज का शुभ संदेश
आज का दिन धैर्य, संयम और सकारात्मक सोच के साथ अपने महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाने का है। शुभ मुहूर्त का लाभ उठाकर नए कार्य प्रारंभ करें और राहुकाल के समय सावधानी बरतें।
अस्वीकरण: यह पंचांग वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित सामान्य जानकारी है। विभिन्न शहरों और स्थानों के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त तथा मुहूर्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
